राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र दिल्ली से आई अफसरों की टीम राधाकुंड का चप्पा-चप्पा छान रही है। पानी आपूर्ति के नक्शे के साथ अफसरों ने स्थानीय चिकित्सकों से रोग की भयावहता के बारे में जानकारी की। राधानगर कालोनी का भ्रमण कर लोगों से बात की। ये टीम यहीं पर डेरा डाले हुए है।
बुधवार को लगातार दूसरे दिन टीम ने कई बिंदुओं पर छानबीन की। डा. राजेश साहू, डा. सुषमा चौधरी ने मरीजों का उपचार करने वाले होम्योपैथी डा. गोविन्द से बात की। मरीजों के लक्षण के बारे में पूछा। डा. सुषमा चौधरी ने राधानगर स्थित विधवा आश्रम मेत्रिका में विधवा महिलाओं से जानकारी जुटाई।
अफसरों की दूसरी टीम ने राधानगर कालोनी के घर जाकर स्थानीय निवासियों से जानकारी ली। मीरा मनोरंजन धर्मशाला के मैनेजर से जानकारी ली और रसोई घर देखा। यहां बताया गया कि पीड़ित श्रद्धालु अब वापस अपने घर लौट गए हैं। राधानगर के कुम्हार मोहल्ला में डायरिया पीड़ित रहे कलुआ से डा. विष्णु रावत, संक्रामक विशेषज्ञ डा. हिमांशु मिश्रा ने पूछताछ की।