मथुरा। जनपद में परिषदीय शिक्षकों के एकीकृत सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम (निष्ठा) में विभागीय अधिकारियों की मनमानी व अनियमितताओं को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के गोवर्धन ब्लॉक अध्यक्ष पुनेंद्र बाबू के नेतृत्व में शिक्षक पदाधिकारियों ने सीडीओ से मिलकर प्रशिक्षण में भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
केंद्र सरकार की समग्र शिक्षा अभियान योजना के अंतर्गत जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों का ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रति प्रशिक्षणार्थी के लिए 2500 रुपये की धनराशि खंड शिक्षा अधिकारियों के खाते में भेजी गई है। शिक्षकों का आरोप है कि प्रशिक्षण देने वाले की रिसोर्स पर्सन या केआरपी के चयन में ही विभागीय अधिकारियों ने अनियमितता की है जिससे प्रशिक्षण के लिए आई धनराशि को मनमाफिक खर्च किया जा सके।
राज्य परियोजना निदेशक के आदेश के बावजूद केआरपी चयन के लिए न तो शिक्षकों से आवेदन लिए गए और न ही कोई चयन का मानक निर्धारित किया गया। मनमानीपूर्ण तरीके से अपने चहेते शिक्षकों को केआरपी नियुक्त कर दिया गया। अब शिक्षण की धनराशि को खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने तरीके से खर्च कर रहे हैं। न तो खाने की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही हर ब्लॉंक में शिक्षकों को नियमानुसार टीए दिया जा रहा है, जबकि इसके लिए परियोजना निदेशक के स्तर से विस्तृत दिशा निर्देश प्रदान किए गए हैं।
शिक्षकों ने सीडीओ से हस्तक्षेप की मांग करते हुए नियमानुसार परीक्षा आयोजित कर पुन: केआरपी चयन कराने व प्रशिक्षण धनराशि के पारदर्शी तरीके से खर्च की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में संघ के बल्देव ब्लॉंक अध्यक्ष उपेंद्र पांडेय, पूरन चंद वर्मा, बच्चू सिंह, भिक्कीराम, केशव पांडेय आदि शामिल थे।