मथुरा। निपुण भारत अभियान के तहत डायट परिसर में शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शिक्षकों को विज्ञान प्रयोगशाला के माध्यम से नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षा के गुण सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण उपकरणों और प्रयोगात्मक विधियों के प्रयोग की जानकारी दी जा रही है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा में बच्चों की रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने बताया कि शिक्षक अब विज्ञान प्रयोगशालाओं और नवाचार कार्यशालाओं के जरिए छात्रों को अधिक व्यावहारिक और रोचक तरीके से पढ़ा सकेंगे। इससे न केवल शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि बच्चों में नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता भी विकसित होगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को क्रमबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण उन्हें कक्षा में नई शिक्षण तकनीक अपनाने और विद्यार्थियों को अनुभव आधारित शिक्षा देने में मदद करेगा। संवाद