मथुरा। असुरक्षित संबंध बनाने और संक्रमित सूई से इंजेक्शन से ही नहीं राह चलते असुरक्षित टैटू बनवाने से भी जानलेवा एड्स हो सकता है। एक माह में टैटू गुदवाने से दो युवक एड्स की चपेट में आ गए हैं। यही कारण है कि जिले में एड्स के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह बीमारी न सिर्फ युवकों को बल्कि किशोर भी इस बीमारी के चपेट में आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में प्रतिमाह 25 से 30 नए मरीज एड्स के सामने आ रहे हैं। वर्तमान में जिले में 2020 एड्स के मरीजों का उपचार चल रहा है। जिला अस्पताल की यौन रोग विशेषज्ञ डाॅ. शिवानी शर्मा ने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए कदम-कदम पर सतर्क रहने की जरूरत है। एड़्स बीमारी आमतौर पर असुरक्षित संबंध बनाने, बहुत सोरे पार्टनर बनाने, संक्रमित इंजेक्शन और ब्लेड का प्रयोग करने एवं संक्रमित रक्त चढ़ाने से हो सकती है लेकिन इन दिनों युवा शरीर के किसी भी भाग में राह चलते असुरक्षित टैटू बनवाने से भी एड्स के शिकार हो रहे हैं।
एक माह में ऐसे दो एड्स के मरीज सामने आए हैं, जिनकी उम्र 15 और 18 साल है। इसलिए असुरक्षित, बिना जांच पड़ताल और सुरक्षा की अनदेखी कर टैटू बनवाना भी गंभीर बीमार दे सकता है। इसलिए टैटू के शौकीन युवा जांच पड़ताल के बाद ही टैटू बनवाएं। राह चलते टैटू बनवाने से बचें।
डाॅक्टर शिवानी शर्मा ने बताया कि एड्स की जांच पॉजिटिव आने पर घबराएं और शर्माएं नहीं बल्कि जितनी जल्दी हो सके एचआईवी का इलाज शुरू करें और अपनी एचआईवी दवा लेते रहें। जब पीड़ित दवा सही तरीके से लेते हैं तो एचआईवी उपचार आपके यौन साझेदारों में वायरस फैलने की संभावना को कम कर सकता है या रोक भी सकता है। संवाद
एड्स से बचाव के उपाय
जीवन साथी के अलावा किसी अन्य से यौन संबंध न रखें, यौन संबंध के समय कंडोम का प्रयोग करें, मादक औषधियों के आदी व्यक्ति द्वारा उपयोग में ली गई सिरिंज व सूई का प्रयोग न करें रक्त की आवश्यकता होने पर अनजान व्यक्ति का रक्त न लें व सुरक्षित रक्त के लिए एचआईवी जांच किया रक्त ही ग्रहण करें, डिस्पोजेबल सिरिंज एवं सूई, ब्लेड का प्रयोग करें।