मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लगातार नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अब नया मामला एक शिक्षिका के निलंबन-बहाली का सामने आया है। इस शिक्षिका को कई शिकायतों के बाद निलंबित कर दिया था। इसके बाद इसे लाभ देते हुए नगर क्षेत्र में बहाल कर दिया गया। इसी तरह एक मृतक आश्रित को भी नगर क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध नगर क्षेत्र में नियुक्ति दी गई है। विकासखंड फरह के प्राथमिक विद्यालय हथियावली में कार्यरत प्रधानाध्यापिका सीमा को कई शिकायतें बीएसए ऑफिस को मिल रही थीं। जिसके बाद बीएसए द्वारा कराई गई जांच में प्रधानाध्यापिका को दोषी पाई गईं। जिसके बाद शिक्षिका को फरवरी माह में निलंबित कर दिया गया। इसके बाद अब बीएसए ने 8 मई को शिक्षिका को बहाल कर दिया है। यह बहाली नगर क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिर्जापुर में की गई है। इससे यह निलंबन एक तरह से शिक्षिका के लिए फायदेमंद रहा क्योंकि उनकी तैनाती पहले ग्रामीण क्षेत्र में थी। जबकि अब उसकी तैनाती नगरीय क्षेत्र में कर दी गई है। बिर्जापुर नगर निगम के वार्ड नंबर 1 के अंतर्गत आता है। नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्र के अध्यापक की बहाली शहरी क्षेत्र में नहीं की जा सकती है।
इसी तरह मार्च माह में भी एक युवक को मृतक आश्रिक में नियुक्ति की गई है। यह नियुक्ति भी नगरीय क्षेत्र प्राथमिक विद्यालय राजपुर वृंदावन में की गई है। यह विद्यालय नगर निगम के वार्ड नंबर 51 में आता है। जबकि प्रथम नियुक्ति नियमानुसार शहरी क्षेत्र में नहीं की जा सकती है। प्रथम नियुक्ति देहात क्षेत्र में ही की जाती है। बीएसए के इस निर्णय पर भी उंगलियां उठ रही हैं। इस संबंध में बीईओ मुख्यालय राजलक्ष्मी ने बताया कि बीएसए विभाग ने नगर निगम के बढ़े क्षेत्र का नोटिफिकेशन शासन के लिए भेजा गया है। फिलहाल उक्त दोनों विद्यालय विभाग की सूची में ग्रामीण क्षेत्र में ही सम्मिलित हैं।