मथुरा। वृंदावन में 5.65 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित बांकेबिहारी कॉरिडोर के लिए बजट में 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण का सर्वे शुरू कर दिया है। पूर्व के सर्वे में करीब 275 निर्माण (घर-दुकान व अन्य) चिह्नित हैं, लेकिन डीएम नए सिरे से सर्वे करवा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रस्तावित जमीन के दायरे में वर्तमान में कितने निर्माण हैं। कितने खातेदार हैं और उनको कितना मुआवजा जमीन अधिग्रहण की एवज में दिया जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित बजट अप्रैल माह में प्रशासन को मिलेगा। प्रशासन की मंशा है कि कॉरिडोर के काम में तेजी लाते हुए इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किया जाए। ऐसे में बजट राशि आने तक अधिग्रहण से पूर्व की प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। जल्द ही मुआवजा कमेटी का भी गठन शासन के पूर्व के आदेश के अनुसार होने जा रहा है। बजट मिलते ही खातेदारों को उनकी जमीन/निर्माण की एवज में मुआवजे का भुगतान तय मानक व समझौते/शर्तों के आधार पर कर दिया जाएगा। दूसरी ओर कॉरिडोर के लिए बजट प्रस्तावित होने के बाद जमीन अधिग्रहण के दायरे में बसे लोगों व दुकानदारों में खलबली मच गई है। ये नए ठिकाने तलाशने लग गए हैं। अधिकतर लोग वृंदावन के आसपास ही जमीनों की तलाश कर रहे हैं।
जमीन अधिग्रहण प्रशासन के लिए होगा चुनौती
कॉरिडोर के लिए जमीन का अधिग्रहण प्रशासन के लिए चुनौती भरा रहने वाला है। दरअसल, वृंदावन में जमीनों की सर्किल दरें और बाजार भाव में काफी अंतर है। प्रशासन नियमानुसार खातेदारों को सर्किल दर पर दो या अधिकतम चार गुना तक का मुआवजा दे सकता है। लोग इससे संतुष्ट नहीं होंगे नहीं। इधर, जिन लोगों की दुकानें अधिगृहीत की जाएंगी, उनको रोजगार देना भी प्रशासन के लिए चुनौती होगा। अभी तक यह कहा जा रहा है कि कॉरिडोर के अंदर व बाहर कुछ दुकान बनेंगी, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूर्व के दुकानदारों को दिया जाएगा।
कॉरिडोर बनने के बाद 10 हजार लोग कर सकेंगे एक बार में दर्शन
वर्ष 1864 में स्थापित श्री बांके बिहारी मंदिर में वर्तमान में हर रोज हजारों श्रद्धालु दर्शन करते हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या एक लाख के पार होती है। विशेष त्योहारों पर तो पांच लाख से अधिक श्रद्धालु एक दिन में यहां आ जाते हैं। बीती जन्माष्टमी के मौके पर पुलिस का आकलन 50 लाख का था। जबकि मंदिर परिसर के भीतर चौक का एरिया 48 बाई 48 फुट का है, जिसमें एक समय में महज एक हजार लोग ही आ पाते हैं। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण बड़ी चुनौती साबित होती है। कॉरिडोर बनने के बाद 10 हजार लोग एक साथ दर्शन कर सकते हैं।
-कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण का सर्वे कराया जा रहा है। इससे वहां के निर्माणों की वास्तविक संख्या सामने आएगी। उस आधार पर मुआवजा राशि कितनी दी जानी है इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम मथुरा