मथुरा-वृंदावन में ब्राह्मण एकता समारोह में पंडित सुनील भराला ने कहा कि ब्राह्मण केवल जाति नहीं, एक जीवंत विचारधारा है। उन्होंने कहा कि आज का समय ब्राह्मण समाज को संगठित होकर सनातन मूल्यों की रक्षा, संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का है।
वृंदावन में आयोजित ब्राह्मण एकता समारोह को उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण केवल एक जाति नहीं, बल्कि एक ऐसी सनातनी विचारधारा है जो पूरे समाज को साथ लेकर चलती है। आवश्यकता पड़ने पर अग्निरूप भी धारण कर सकती है। उन्होंने कहा कि आज का समय ब्राह्मण समाज को संगठित होकर सनातन मूल्यों की रक्षा, संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का है।
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पं. भराला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए ब्राह्मण समाज से आग्रह किया कि वह अपने नेतृत्व कौशल और सांस्कृतिक ज्ञान से समाज को नई दिशा प्रदान करें। उन्होंने कहा राजनितिक दलों पर भी विचार करना पड़ेगा जो सनातन और हिंदू की रक्षा करने वाला दल होगा, उसको पूर्ण बहुमत से मतदान करें। वर्तमान में जो समाज को गाली देता है तो उसका बहिष्कार करने का भी काम करेंगे।
ग़ाज़ीपुर हत्याकांड थाने में एक दिव्यांग भाजपा कार्यकर्ता की निर्मम हत्या की गई। उस पर बड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, परंतु कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। दूसरी ओर गोंडा में जिस प्रकार से एक पक्षीय कार्रवाई हो रही है वो समाज और प्रदेश के हित में नहीं है। समारोह में देशभर से आए ब्राह्मण प्रतिनिधियों, संतों और विद्वानों ने भाग लेकर परशुराम जयंती को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की मांग भी उठाई।