महंगाई की मार से पहले से ही परेशान लोगों की मुश्किलें चीनी के बढ़ते दाम ने और बढ़ा दी हैं। चीनी के भाव में एक महीने में 20-21 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी होने से गृहणियों का बजट बिगड़ गया है। उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप कर दामों पर नियंत्रण कराने की मांग की है।
गृहिणी स्नेह कुमारी व ललिता देवी ने बताया कि चीनी के दाम बढ़ने से रसोई का खर्च बढ़ गया है। चाय व घरेलू उपयोग में चीनी आवश्यक है। पहले ही खाद्य सामग्री के बढ़ते दामों व चीनी महंगी होने से बजट बिगड़ गया है। सुनीता व अनीता ने बताया महंगाई का असर रोजमर्रा की हर चीज पर दिखाई दे रहा है।
चीनी के दाम में बेतहाशा वृद्धि से आम परिवारों की परेशानी बढ़ी है। सरकार को दामों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, आम जनता को लोगों को राहत मिल सके। डौली और प्रीति ने बताया कि चीनी के बढ़े भाव से हर व्यक्ति प्रभावित है। सभी बढ़ती महंगाई चिंतित हैं।
रसोई का बजट पहले से बिगड़ा हुआ है, चीनी ने और बिगाड़ दिया है। बढ़े भाव से हर व्यक्ति चिंतित हैं, बढ़ते भाव ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में चीनी की कीमतों की निगरानी की जाए, अनावश्यक मूल्य वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। आम आदमी को महंगाई से राहत देने के लिए रोजमर्रा की जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम स्थिर रखना बेहद जरूरी है।