मथुरा। सीएम अभ्युदय कोचिंग योजना में युवाओं की जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है। सरकारी स्तर पर शुरू की गई इस पहल ने आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को न केवल पढ़ाई का अवसर दिया है, बल्कि उनके सपनों को भी नई उड़ान दी है।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सीएम अभ्युदय कोचिंग का संचालन बीएसए कॉलेज में हो रहा है। इसमें 264 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जो जिले के गांव और कस्बों से आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर नई उड़ान भर रहे हैं। सामान्य परिवार से होने के चलते निशुल्क पढ़ाई कर सफलता की नई इबारत लिख रहे हैं। कोचिंग के शिक्षकों ने बताया कि इस योजना में छात्र यूपीएससी, यूपीपीसीएस, नीट और जेईई के अलावा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
छात्र दिनेश कुमार ने बताया कि उनके पिता किसान हैं, परिवार की हालत ऐसी थी कि कोचिंग के लिए पैसे जुटाना नामुमकिन था। अभ्युदय योजना के अंतर्गत जब निशुल्क कोचिंग मिली, तो उन्होंने कड़ी मेहनत कर पुलिस भर्ती परीक्षा पास की। विपिन कहते हैं कि अगर यह योजना न होती, तो शायद मेरा सपना अधूरा ही रह जाता।
कोचिंग में सैकड़ों छात्र रोजाना तैयारी करने आते हैं। यहां गणित, विज्ञान, सामान्य ज्ञान से लेकर सिविल सेवा और राज्य स्तरीय परीक्षाओं तक के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है। छात्र-छात्राएं बताते हैं कि इस सुविधा से उन्हें न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की दिशा मिली है, बल्कि जीवन में संघर्ष करने की प्रेरणा भी मिली है। कोर्स कोऑर्डिनेटर आभा सिंह ने बताया कि सभी बच्चे नियमित पढ़कर सफलता की ओर बढ़ रहे हैं। कड़ी मेहनत ही बच्चों को परिणाम दिलाती है।
छात्रों की बात
अभ्युदय कोचिंग में पढ़कर यूपीपीसीएस का प्री क्वालिफाई हो गया है। मैंस की परीक्षा दी है इसी माह में परिणाम आ जाएगा। पेपर अच्छा गया है। उनके पिता किसान हैं।
- राहुल कुमार, छात्र
परिवार की स्थिति ठीक नहीं थी जिससे कोई अच्छी कोचिंग में पढ़ाई कर सके। पहले घर पर ही पढ़ते थे, लेकिन अब दो साल में अभ्युदय कोचिंग में पढ़कर यूपीपीसीएस प्री क्वालिफाई हो गया है।
- जितेंद्र निषाद, छात्र