छाता शुगर मिल पर चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल लोग और भूतपूर्व सैनिक।
छाता। क्षेत्रीय किसानों की आजीविका की रीढ़ रही छाता शुगर मिल को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भी 15वें दिन अनवरत जारी रहा। त्योहार के दिन भी पूर्व सैनिकों और किसानों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी, बल्कि उनका हौसला और अधिक मुखर नजर आया।
आंदोलनकारियों ने मिल गेट के बाहर धरना स्थल पर ही रक्षाबंधन का पर्व सादगी और दृढ़ निश्चय के साथ मनाया। इस दौरान सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक मिल को शुरू करने की दिशा में शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस घोषणा नहीं होती तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा। कर्मयोगी ललित कुमार सूबेदार ने हुंकार भरी कि यह लड़ाई सिर्फ एक चीनी मिल की नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के किसानों के आर्थिक अस्तित्व और उनके भविष्य की लड़ाई है।आंदोलन को समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंचीं ज्योति आर्या ने ‘शुगर मिल को चलना है, इस मिल को चलाना है... मिलके चलो मंजिल पर चढ़ो, बढ़ने का जमाना है’गाकर सभी आंदोलनकारियों को गदगद कर दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से कर्मयोगी सूबेदार ललित कुमार, राधे-राधे बाबू जी महाराज, जबर सिंह प्रधान, कमल सिंह आर्य, महीपाल आर्य, नारायण सिंह, वीरी सिंह भगत, नरेंद्र और जुगल किशोर समेत बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, किसान व क्षेत्रीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।