पीसीपीएनडीटी एक्ट में लिपिकीय त्रुटि पर चिकित्सक को सजा से खफा रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सकों ने गुरुवार को कार्य नहीं किया। शहर के एक्स-रे सेंटर, अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद रहे। मरीज दिन भर इधर से उधर भटके।
राष्ट्रीय आह्वान पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले चिकित्सकों ने प्रदर्शन किया। इस अवसर पर चिकित्सकों ने एक स्वर में कहा कि पीसीपीएनडीटी एक्ट में अल्ट्रासाउंड से पहले भरे जाने वाले फार्म में लिपिकीय त्रुटि को भी भ्रूण परीक्षण के समान माना जाता है। जो सरासर गलत है।
इसलिए चिकित्सकों ने हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाया है। चिकित्सकों की मांग है कि एक्ट में अपराध का वर्गीकरण किया जाए। देशभर में अधिनियम का समान मानकीकरण किया जाए। इंडियन रेडियोलॉजिक एंड इमेजिंग एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डा. सुधीर सिंह ने बताया दो सितंबर से अल्ट्रासाउंड केंद्र मांगे माने जाने तक बंद रहेंगे।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. हार्दिक जैन, डा. नीति सिंह, डा. बीडी शर्मा, डा. रूपा गोपाल, डा. भावना गुप्ता, डा. घनश्याम सिंह, डा. कामिनी सिसौदिया, डा. केसी मिश्रा, डा. आरपी गोयल आदि थे।
भटकते तीमारदार, कराहते रहे मरीज
गुरुवार को अल्ट्रासाउंड, सीटी स्केन, एक्स-रे सेवाएं बंद होने से मरीज कराह उठे। इन केंद्रों पर तीमारदार मरीजों को लेकर पहुंचे लेकिन ताला लटका देख हताश हो गए।