डाकघर से निलंबित कर्मचारियों के समर्थन में सभी डाककर्मी आ गए हैं। इनका कहना है कि जो आरोपी लिपिक है उसकी गिरफ्तारी तो नहीं हो रही जबकि निर्दोष कर्मचारियों पर एक्शन हो रहा है। इन लोगों ने कहा कि जब तक निलंबन वापस नहीं होगा वह हड़ताल वापस नहीं लेंगे। हड़ताल के चलते जिले के सभी छोटे-बड़े 51 डाकघरों में कामकाज ठप रहा।
कृष्णानगर डाकघर से 76.08 लाख की मोटी रकम का घपला होने के बाद 11 कर्मचारियों पर गाज गिरी थी। इसके विरोध में सोमवार को डाककर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी। मुख्य डाकघर के परिसर में ऑल इंडिया यूनियन फेडरेशन के बैनर तले धरने पर बैठे डाककर्मी डाकघर प्रशासन के निर्णयों को गलत बता रहे थे।
सभी की मांग थी कि कर्मचारियों का निलंबन वापिस हो, वहीं घपला करने वाले लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। धरने में बीबी पचौरी, सुभाष मिश्रा, दिनेश यादव, राजेश शर्मा, राजवीर सिंह, एसके जौहरी, एमसी अग्रवाल आदि डाककर्मी मौजूद रहे।
पहले दिन 35 लाख का नुकसान
पहले दिन कामबंद हड़ताल से करीब 35 लाख का नुकसान होने का अनुमान है। डाक नहीं बंटी तो रजिस्ट्री भी नहीं हो सकी। स्पीड पोस्ट के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ा।
नौकरी के आवेदन नहीं हो पाए
नगर निकाय के लिए संविदा कर्मियों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इसकी अंतिम तिथि 11 अगस्त है। इसमें आवेदन करने के लिए सवेरे से युवा इधर-उधर भटकते रहे।
हड़ताली कर्मियों को मनाने की कसरत
हड़ताल पर रहे डाककर्मियों को मनाने के लिए सवेरे से जोड़-तोड़ शुरू हो गई। कई बार प्रवर डाक अधीक्षक आरएन यादव ने हड़ताली कर्मियों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन शाम तक स्थिति जस की तस बनी रही।