मथुरा। निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने में लापरवाही बरतने वाले निजी विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा में चयनित बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित करें। दो चरणों की प्रक्रिया में 400 विद्यार्थियों का प्रवेश स्कूलों में हो चुका है। तीसरे चरण की लॉटरी आज खुलेगी।
बीएसए ने कहा कि आरटीई के प्रावधानों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई विद्यालय जानबूझकर प्रवेश में देरी करता है या अभिभावकों को परेशान करता है तो उसके खिलाफ मान्यता रद्द करने से लेकर आर्थिक दंड तक की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रवेश प्रक्रिया की निगरानी करेंकिसी प्रकार की बाधा आने पर विभाग को अवगत कराएं। उन्होंने बताया कि दो चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं। इनमें चयनित 400 बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिया दिया जा चुका है। आज तीसरे चरण की लॉटरी खुलने के बाद प्रवेश देने में आनाकानी करने वाले विद्यालय संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।