गुरुवार शाम महावन क्षेत्र में आए बवंडर ने भारी तबाही मचाई। इसका असर इलाके के करीब एक दर्जन से अधिक गांवों में देखा गया। इसकी चपेट में आकर सैकड़ों पेड़ और दर्जनों मकान धराशायी हो गए।
गांव मनोहरपुर में गिरे मकान के मलबे में दबकर एक युवक नीरज पुत्र मूलचंद की मौत हो गई। अलग-अलग जगह पर 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए मथुरा के दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
शाम करीब पांच बजे अचानक ये बवंडर आया और करीब 15 मिनट तक चले चक्रवातीय अंधड़ की चपेट में जो भी आया धराशायी होता चला गया। मकानों के टीनशेड और छप्पर उखड़ गए। पेड़ों के गिरने से मकान ध्वस्त हो गए । जिधर देखों इलाके में तबाही का मंजर नजर आ रहा था।
सैंकड़ों पेड़ इलाके में गिरे पड़े थे। बिजली के खंभे और लाइनें गिरने से आपूर्ति चौपट हो गई। बवंडर में गांव नगला जंगली, नगला जवाली, नारायन गढ़ी, नगला मूलचंद, कुंवर गढ़ा, नगला पोलुआ, मनोहर पुरा, खानपुर, किसनपुर, बंदी, जगदीशपुर, तारापुर, नगला जवाली आदि में इसका सर्वाधिक असर रहा। पेड़, खंभे गिरने से सड़क और गांवों के संपर्क मार्ग बाधित हो गए है।
नुकसान का जायजा लेने के लिए तहसीलदार महावन और महावन पुलिस गांवों के लिए रवाना हो गई है। इस घटना के घायलों को स्वर्ण जयंती और लाइफ लाइन हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।