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Mathura News: स्कूली बच्चों का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न रोकें

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मथुरा। राज्य सरकार स्कूलों में बच्चों की शिक्षा के साथ ही उनकी सुरक्षा को लेकर भी संवेदनशील है। इसी के मद्देनजर सभी शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों के शारीरिक व मानसिक शोषण एवं यौन उत्पीड़न संबंधी घटनाओं को रोकने के लिए तय गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
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राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि समस्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में गाइडलाइंस का पालन किया जाए। सभी प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, स्टाफ, वार्डन एवं प्रबंध समिति के सदस्यों को भी गाइडलाइंस का कड़ाई से अनुपालन करना होगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में बाल अपराध एवं असंवैधानिक कृतियों की रोकथाम और स्कूल जाने वाले बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न से सुरक्षा करना है।



सुरक्षित माहौल के लिए दिए सुझाव
गाइडलाइंस में कहा गया है कि प्रत्येक विद्यालय प्रबंध तंत्र एवं प्रधानाचार्यों का दायित्व है कि विद्यालय परिसर में इस प्रकार का वातावरण तैयार करें, जो बच्चों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करे और छात्र/छात्राओं का किसी प्रकार का शारीरिक/मानसिक एवं यौन शोषण न हो। विद्यालय प्रांगण को सुरक्षित बनाने के लिए भी उपाय भी बताए गए हैं।
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- स्कूल बसों में जीपीआरएस सिस्टम के साथ ही ड्राइवर व हेल्पर के सत्यापन की अनिवार्यता रखी गई है।
- बस के अंदर चाइल्ड हेल्पलाइन और वूमन हेल्पलाइन नंबर तथा पुलिस स्टेशन का नंबर लिखा होना चाहिए।
- प्रत्येक बस में दो टीचर की इस प्रकार व्यवस्था होनी चाहिए जो बच्चों के साथ स्कूल में बस से आवागमन करेंगे।
- शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का व्यवहार संतुलित होने के बारे में लिखा है।
- बच्चों में परस्पर समन्वय बनाने एवं जागरूकता के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश हैं।
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