प्रिया जी द्वारा खोदे प्रिया कुंड की नौ दशक बाद खोदाई और सफाई कार्य कराया जा रहा है। दो दिन पूर्व इसमें ब्रह्मा और सरस्वती की दो मूर्तियां निकली हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह प्राचीन प्रतीत हो रही हैं। हालांकि अभी इस पर विशेषज्ञों की राय आनी है।
प्रिया कुंड की खोदाई और सफाई की पहल मान मंदिर के प्रमुख संत रमेश बाबा की प्रेरणा से की जा रही है। मान मंदिर गुरुकुल के 250 बालक-बालिकाएं और करीब पांच दर्जन साधु कार सेवा में लगे हैं। राधाकांत शास्त्री ने बताया कि ब्रज की धरोहरों को संरक्षित करने हेतु संकल्पित मान मंदिर से जुड़े लोग प्रात: साढ़े तीन बजे से ही कुंड की खोदाई में नियमित रूप से लग जाते हैं।
कुंड को सुखाने के लिए बोरिंग कराए गए हैं ताकि जेसीबी मशीनों से सफाई कराई जा सके। इस संबंध में रमेश बाबा ने लोगों से अपील की है कि यमुना मुक्तिकरण अभियान की भांति ब्रजवासी प्रिया कुंड की खोदाई में भी सहयोग करें। बरसाना और आसपास के गांवों के लोग एक दिन का समय निकाल कर पुरुषोत्तम मास में प्रिया कुंड पर जरूर श्रमदान करें।
इससे पूर्व मान मंदिर के कार सेवक राजस्थान के आदि बद्री नामक स्थान पर बनी करीब आधा किमी लंबी झील की सफाई करके आए हैं। इस कार्य में उन्हें 15 दिन का समय लगा।