न्यायिक आयोग के समक्ष अफसरों की गवाही
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न्यायिक आयोग के समक्ष जवाहर बाग हिंसा में एक एडीएम, थानाध्यक्ष और जिला उद्यान अधिकारी की गवाही हुई। शनिवार को भी आयोग के समक्ष अफसरों की पेशी होनी है। जो अधिकारी अभी तक नहीं पहुंचे हैं उन्हें भी गवाही के लिए पेश होने को नोटिस जारी कर दिया गया है।
मथुरा के जवाहर बाग में दो जून को हुई हिंसा में तत्कालीन एसपी सिटी और थानाध्यक्ष फरह समेत 29 लोगों की मौत हो गई थी। सैकड़ों घायल हुए। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच को न्यायिक आयोग का गठन किया था। न्यायिक आयोग जुलाई से हिंसा की जांच कर रहा है। पहले सभी के शपथ पत्र लिए गए और फिर बयान हुए।
इसके बाद गवाही कर्राई जा रही है। शुक्रवार को न्यायिक आयोग के चेयरमैन और सचिव के समक्ष अफसरों की गवाही हुई। वर्ष 2015 में मथुरा में एडीएम फाइनेंस रहे महेंद्र प्रसाद ने यहां पहुंचकर अपना पक्ष रखा। आयोग ने जवाहर बाग पर हुए कब्जे को लेकर उनसे कई सवाल पूछे। थानाध्यक्ष को भी गवाही देने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने भी यहां अपना पक्ष पेश किया। जिला उद्यान अधिकारी ने भी अपना पक्ष रखा है।
मुकुल के भाई ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
मथुरा (ब्यूरो)। जवाहर बाग हिंसा में शहीद हुए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के भाई प्रफुल्ल द्विवेदी ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर अपने भाई को राष्ट्रपति पदक दिलाने की मांग की है। प्रफुल्ल ने कहा कि उनके भाई ने अपनी जान देकर बाग को खाली कराया है।