संकल्प आनंद-नरेश नंदिनी आत्महत्या प्रकरण में नामजद यूपी पुलिस के डीजी कमलेंद्र की कार्यशैली को संदिग्ध बताने वाले उनके ही विभाग के आईजी अमिताभ ठाकुर शनिवार को मथुरा पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे प्रकरण को लेकर एसएसपी मंजिल सैनी को मुलाकात की। इसके बाद क्राइम ब्रांच के दरोगा को अपने बयान दर्ज कराए।
गौरतलब है कि गीतकार संतोष आनंद के पुत्र संकल्प और पुत्रवधू नरेश नंदिनी ने 15 अक्तूबर को कोसीकलां में रेलवे लाइन पर आत्महत्या कर ली थी। उनकी कार से मिले 10 पेज के सुइसाइड नोट में एलएनजेपी इंस्टीट्यूट में 250 करोड़ रुपये के घोटाले का जिक्र था। पूरे प्रकरण में यूपी पुलिस के डीजी कमलेंद्र और डीआईजी संदीप मित्तल सहित 38 लोग नामजद हैं।
बीते दिनों यूपी पुलिस के ही आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर ने सुइसाइड नोट के आधार पर वर्तमान में डीजी कमलेंद्र पर लगे आरोपों को सही बताया था। उन्होंने मथुरा आकर मामले में बयान दर्ज कराने की बात भी कही थी। शनिवार को मथुरा पहुंचे आईजी ने एसएसपी से मुलाकात के बाद मामले के विवेचक क्राइम ब्रांच के दरोगा को अपने बयान दर्ज कराए।
पत्रकार वार्ता में आईजी ने बताया कि उन्हें नागरिक सुरक्षा निदेशालय में डीजी कमलेंद्र के साथ डेढ़ माह तक काम करने का मौका मिला है। इसमें उनकी कार्यप्रणाली और व्यवहार को लेकर ज्यादातर बातें संकल्प आनंद ने सुइसाइड नोट के अनुरूप ही हैं। उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा निदेशालय में भी उन्होेंने इसी तरह की कार्यप्रणाली और व्यवहार अधीनस्थों के साथ अपनाया। इसके लिए उन्होेंने गाजियाबाद के बालश्रम विषयक जांच आयुक्त मेरठ मंडल को देने, एक सहायक उपनियंत्रक के लैंगिक उत्पीड़न की जांच वापस नियंत्रक कानपुर नगर को भेजने के आदेश का उदाहरण भी दिया।
विभागीय जांच दूसरे अधिकारी से कराने की करेंगे मांग
आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर ने कहा कि संकल्प के नौकरी वाले संस्थान में 250 करोड़ के घोटाले और फर्जीवाड़े की जांच लोकनायक जयप्रकाश नारायण क्रिमिनोलॉजी संस्थान की निदेशिका कर रही हैं। आईजी ने कहा कि समान पद पर रहते हुए इसकी जांच किसी दूसरे संस्थान के निदेशक से करानी चाहिए। इसके लिए वे गृहमंत्रालय को पत्र लिखेंगे। पशु तस्करी के सवाल पर कहा कि इसके लिए जनहित याचिका दायर कर कदम उठाया जाएगा।
होमगार्ड को मिले 20 लाख मुआवजा
आईजी अमिताभ ठाकुर शनिवार को शहीद होमगार्ड घनश्याम के परिवारीजनोें से भी मिले। उन्होंने कहा कि होमगार्ड को मुआवजा के तौर पर पांच नहीं 20 लाख रुपये मिलना चाहिए। उनका कहना था कि उसी घटना में एचसीपी रामवकील को 20 लाख मुआवजा दिए जाने की घोषणा की गई है वहीं उसी घटना में होमगार्ड की मौत हुई है। दोनों को समान मुआवजा मिलना चाहिए। आईजी ने कहा कि यदि कुंडा में हुई हत्या में ग्राम प्रधान के परिवारीजनों को भी 20 लाख मुआवजा प्रदेश सरकार ने दिया था।