एसएसपी मोहित गुप्ता के इम्तिहान में जिले के तीन थाने फेल हो गए। इन थानों में गंदगी का आलम है। कबाड़खानों में तब्दील हो चुके थानों की जीडी दुरुस्त नहीं मिली तो कहीं लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही उजागर होती दिखी। एसएसपी ने दो थाना प्रभारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एक थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है। कोतवाली सुरीर की हालत ठीक मिली।
शुक्रवार को एसएसपी मोहित गुप्ता ने थाना राया में पहुंचे। यहां पर केस प्रापर्टी वाहनों का कबाड़खाना देख दंग रह गए। अंदर थाने में जाकर हालत और भी बदतर मिले। हर तरफ गंदगी ही गंदगी थी। विवेचनाओं का निस्तारण प्राथमिकता से न हो पाना, जीडी का दुरुस्त न मिलना। एसएसपी ने जमकर थाना प्रभारी को फटकार लगाते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए। इसके बाद एसएसपी थाना मांट पहुंचे। यहां की मेस में वृद्ध फॉलोअर की हालत देखकर जमकर थाना प्रभारी को लताड़ लगाई। तत्काल फॉलोबर को चिकित्सा सुविधा दिलाने के आदेश दिए।
थाना को अस्त-व्यस्त देखते हुए एसएसपी ने थाना मांट प्रभारी के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए। कोतवाली सुरीर की हालत ठीक-ठाक मिलने पर एसएसपी ने थाना नौहझील का रुख किया। थाने के एप्रोच मार्ग में गंदगी से एसएसपी का माथा ठनका। जानवर बंधे देख एसएसपी ने थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि राया और मांट थाने की हालत बदतर पाई गई। जांच के आदेश दिए गए हैं। सुधार न होने पर कार्रवाई की जाएगी।