मथुरा। प्लांट का निरीक्षण करते नगर आयुक्त व अन्य कर्मचारी।
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन से प्रतिदिन इकट्ठा हो रहा 250 टन कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निगम ने नगला कोल्हू में स्थित मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर की क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। वर्तमान में इस सेंटर की 160 टन की क्षमता है, लेकिन अब 90 टन और बढ़ाने की योजना है। ताकि प्रतिदिन एकत्रित होना वाला कूड़ा उसी दिन निस्तारण हो सके।
इस केंद्र की क्षमता प्रतिदिन 160 टन कूड़ा निस्तारण की है, जबकि मथुरा-वृंदावन से प्रतिदिन करीब 250 टन कूड़ा एकत्रित होता है। ऐसे में 160 टन कूड़ा निस्तारण के बाद करीब 90 टन कूड़ा प्रतिदिन बच रहा है। बीते तीन सालों में नगला कोल्हू स्थित एमआरएफ सेंटर में 2.80 लाख टन कूड़ा इकट्ठा होकर पहाड़ बन गया है। वर्तमान स्थितियों को देखते हुए नगर निगम ने इस प्लांट की 90 टन और क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। ताकि प्रतिदिन मथुरा-वृंदावन से निकलने वाले 250 टन कूड़े का निस्तारण निर्धारित हो सके।
प्लांट की क्षमता के साथ-साथ संसाधन, श्रमिकों की कार्यशैली और मशीनों की कार्यक्षमता भी बढ़ाई जाएगी। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने बताया है कि प्लांट की कार्यक्षमता बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है। ताकि प्रतिदिन इकट्ठे होने वाले कूड़े को समय से निस्तारण कर सकें। वहीं प्लांट पर इकट्ठा 2.80 लाख टन कूड़ा निस्तारण के अलग से इंतजाम होंगे।
2.80 लाख टन कूड़ा निस्तारण का रखा आठ माह का लक्ष्य
प्लांट पर एकत्रित 2.80 लाख टन कूड़ा निस्तारण के लिए नगर निगम आठ माह का लक्ष्य रखा है। बीते दिनों नगर आयुक्त ने प्लांट का निरीक्षण कर इसकी योजना बनाई है। नगर आयुक्त का कहना है कि शहर से निकलने वाला कूड़ा गाड़ियों से नगला कोल्हू में कूड़ा निस्तारण केंद्र पहुंचाया जा रहा है। वहां पहले कूड़े को अलग किया जाता है। अधिक कूड़ा निकलने पर इसके निस्तारण में दिक्कत न हो, इसे देखते हुए केंद्र की क्षमता बढ़ाई जा रही है।