मथुरा। डिजिटल युग में सोशल मीडिया अब केवल अभिव्यक्ति का माध्यम ही नहीं, बल्कि कई बार जीवन और मृत्यु का फैसला करने का मंच भी बन रहा है। आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें लोग अपनी व्यथा और तनाव को जाहिर करने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लेते हैं और लाइव आकर आत्महत्या का प्रयास करने लगते हैं। वहीं अब पुलिस मेटा के अलर्ट से ऐसे लोगों की जान भी बचा रही है। आत्महत्या करने के लिए बिल्कुल दहलीज पर खड़े जिले के ऐसे तीन लोगों की जान पुलिस की तत्परता ने बचाई गई है।
दरअसल, पहले लोग जीवन से हारने और परेशान होने के बाद बिना किसी को बताए एकांत में जाकर आत्महत्या कर लेते थे, लेकिन अब इसमें भी सोशल मीडिया का दखल सामने आ रहा है। आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाले लोग पहले सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी व्यथा शेयर कर रहे हैं, वहीं लाइव ही आत्महत्या जैसा कदम भी उठा रहे हैं, लेकिन मेटा सर्वर अब इन लोगों की जान बचाने के लिए एक फरिश्ता बनकर उभरा है।
जैसे ही कोई आत्महत्या के लिए सोशल मीडिया पर लाइव आता है तो मेटा सर्वर दिल्ली साइबर हेडक्वार्टर को अलर्ट भेजता है। इसके बाद वहां से संबंधित प्रदेश को अलर्ट भेजा जाता है और तत्काल ही संबंधित जिले के साइबर सेल थाने को अलर्ट मिलता है। साइबर सेल थाना जिले के संबंधित थाने को अलर्ट भेजता है। मेटा का अलर्ट मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच जाती है और आत्मघाती कदम उठाने वाले की जान बचा लेती है। मेटा की इसी सक्रियता के आधार पर मथुरा पुलिस अब तक जिले के तीन लोगों की जान बचाने में सफल रही है।
मेटा अलर्ट से इन लोगों की बची जान
मेटा के अलर्ट से पुलिस ने हाईवे थाना क्षेत्र के निवासी एक युवक की जान बचाई। वह कर्ज से परेशान था और उधार पैसे देने वाले उसे परेशान कर रहे थे। युवक फेसबुक पर लाइव आया और कारण बताकर फंदा लगा लिया। मेटा अलर्ट मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, युवक को फंदे से उतारा और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जैसे-तैसे उसकी जान बचाई। इसी प्रकार लक्ष्मीनगर क्षेत्र निवासी व्यक्ति और सदर बाजार थाना क्षेत्र के रहने वाले युवक की भी ऐसे ही पुलिस ने तत्काल पहुंचकर जान बचाई।
ऐसे काम करता है मेटा अलर्ट
सोशल मीडिया पर जैसे ही कोई आत्मघाती कदम के लिए लाइव आता है तो एआई आधारित मेटा शब्दों और मौके पर हो रही क्रिया को पहचानता है। फिर मेटा सिस्टम उस कंटेंट को गंभीरता से जांचता है। संभावित आत्महत्या का प्रयास लगते ही मेटा सर्वर दिल्ली साइबर हेडक्वार्टर को हाई अलर्ट भेज देता है। इससे पुलिस महकमा सतर्क हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में महज कुछ ही सेकंड का समय लगता है।
सोशल मीडिया पर लाइव आत्महत्या का प्रयास वालों का मेटा के माध्यम से अलर्ट मिलता है। इससे संबंधित थाने की पुलिस तत्परता दिखाते हुए लोकेशन ट्रेस करती है और मौके पर पहुंचकर आत्मघाती कदम उठाने वाले की जान बचा लेती है। फिर पीड़ित की काउंसिलिंग करती है, जिससे वह भविष्य में आत्मघाती कदम न उठाए।
श्लोक कुमार , एसएसपी