मथुरा। रेलवे के बंद पड़े आरआरआई (रूट रिले इंटरलॉकिंग) केबिन से बरामद मानव अवशेषों की पहचान के लिए जीआरपी अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का सहारा लेगी। फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से उपलब्ध अवशेषों के आधार पर संभावित चेहरे का स्केच तैयार कराया जाएगा, जिससे मृतक की शिनाख्त में मदद मिल सके।
बीते बृहस्पतिवार शाम रेलवे परिसर स्थित बंद पड़े आरआरआई केबिन से जीआरपी ने मानव अवशेष बरामद किए थे। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान घटनास्थल से मानव कंकाल, खून से सनी हवाई चप्पलें और महिलाओं के बालों में लगाया जाने वाला प्लास्टिक का क्लिप भी बरामद किया गया था। इन सभी साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
जीआरपी ने मानव अवशेषों की पहचान के लिए एक उपनिरीक्षक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की है। टीम आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का मिलान करने के साथ स्थानीय लोगों से जानकारी जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि एआई तकनीक से तैयार होने वाला संभावित चेहरा पहचान में मदद करेगा। इधर, नियमानुसार 72 घंटे बाद मानव अवशेष का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चल सकेगा कि ये मानव अवशेष पुरुष के हैं या महिला के।
जीआरपी प्रभारी प्रदीप सिंह का कहना है कि फोरेंसिक जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि मृतक की पहचान होने के साथ घटना की वास्तविक परिस्थितियों का भी पता लगाया जा सके।