जिले में चिकित्सकों के नाम पर एक से अधिक पैथोलॉजी पंजीकृत हैं। एक चिकित्सक के नाम से छह पैथोलॉजी तक। ऐसे में इन पैथोलॉजी पर होने वाली जांचों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। संस्था परिवर्तन से जुड़े एक्टिविस्ट रमाकांत भारद्वाज की ओर से आरटीआई में मांगी सूचनाओं में इस बात का खुलासा हुआ है।
इसमें सीएमओ कार्यालय ने अवगत कराया है कि मथुरा में 29 चिकित्सकों के नाम से कुल 49 पैथोलॉजी पंजीकृत है। डा. अनिल अग्रवाल के नाम से छह, डा. शिखा व्यास के नाम से चार और डा. वेद प्रकाश वर्मा और डा. एमपी गर्ग के नाम से तीन-तीन पैथोलॉजी का पंजीकरण है। जबकि छह से अधिक चिकित्सकों के नाम से दो-दो पैथोलॉजी पंजीकृत हैं।
पंजीकरण के लिए ऐसा कोई शासनादेश नहीं है। लेकिन व्यावहारिक तौर पर ये देखा जाता है कि जिस पैथोलॉजिस्ट के नाम से पैथोलॉजी पंजीकृत है वो वहां प्रतिदिन जा सकता है या नहीं। इस मामले में पैथोलॉजी की सूची देखकर स्थिति का आकलन किया जाएगा।
-डा. आरके नैय्यर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी