यमुना में तैरती नाले की गंदगी।
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मथुरा। नगर निगम के दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सोमवार को पूरी तरह ठप हो गए, जिससे शहर के दो बड़े नालों का पानी सीधे यमुना में पहुंच गया। यमुना में भीषण गंदगी देख श्रद्धालु परेशान हो गए। यमुना में चारों ओर कूड़ा-कचरा, जूते-चप्पल, पॉलिथीन देखकर श्रद्धालुओं का मन गंदे पानी को छूने का भी नहीं किया। ऐसे में श्रद्धालुओं ने यमुना के घाटों पर बने शिवालयों में आरओ वाटर की बोतल खरीदकर भगवान शिवशंकर का अभिषेक किया। यमुना जल की यह बदहाली स्वामी घाट, बंगाली घाट, शृंगार घाट, प्राग घाट, श्याम घाट, रामघाट, दाऊजी घाट, कात्यायनी घाट पर थी।
करोड़ों रुपये यमुना की सफाई पर खर्च किए जा रहे हैं। नगर निगम, जल निगम, सिंचाई विभाग समेत करीब आधा दर्जन विभाग यमुना की सफाई को लेकर वर्षों से माथापच्ची कर रहे हैं। शहर के करीब 30 नालों का पानी यमुना में जाने से नहीं रोका जा रहा। सबसे ज्यादा गंदा पानी मसानी नाले से यमुना में पहुंचता है। उसके बाद स्वामी घाट के नाले का नंबर है। दोनों स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए हैं, जिससे नालों का पानी प्लांट से गुजरकर जाए। गंदगी यमुना में न पहुंचे। हालांकि दोनों प्लांट चालू हालत में भी नाले की गंदगी को नहीं रोक पा रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोमवार को दोनों प्लांट सुबह ही बंद कर दिए गए और नालों का पानी सीधे यमुना में छोड़ दिया गया। इससे सभी प्रमुख घाटों पर नालों की गंदगी पहुंच गई। अधिकांश श्रद्धालु भगवान शिवशंकर का जलाभिषेक करते हैं। श्रद्धालुओं के सामने संकट था कि गंदे पानी से भोलेनाथ का अभिषेक कैसे करें। ऐसे में भक्तों ने आरओ वाटर खरीदकर अभिषेक किया।
संयुक्त नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन
विश्व धर्म रक्षक दल के पदाधिकारी यमुना की सफाई की मांग को लेकर लंबे समय से धरना दे रहे हैं। धरने पर ही भजन-कीर्तन भी करते हैं। यमुना जल में गंदगी बढ़ जाने पर घाटों पर सफाई भी करते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगरा से जाने के बाद यमुना का जलस्तर घटा था और गंदगी घाटों पर आ गई थी। इस गंदगी को भी इस संगठन के पदाधिकारियों ने साफ किया। सोमवार को यमुना में गंदगी देखकर विश्व धर्म रक्षक दल के पदाधिकारी भड़क गए और अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी के नेतृत्व में नगर आयुक्त को ज्ञापन देने नगर निगम पहुंचे। वहां संयुक्त नगर आयुक्त अजीत कुमार को ज्ञापन देने यमुना की सफाई पर ध्यान देने की मांग की।
बयान
नालों के गंदे पानी को यमुना में जाने से रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। जब तक प्लांट तैयार नहीं हो जाते नालों के पानी को रोक पाना संभव नहीं है। घाटों की सफाई के लिए नमामि गंगे के कर्मचारी तैनात हैं।
- रविंद्र कुमार मांदड़, नगर आयुक्त