छाता। छाता शुगर मिल को पुनः चालू कराने की मांग को लेकर भूतपूर्व सैनिक परिषद और किसानों का धरना-प्रदर्शन 25वें दिन भी जारी रहा। 25वें दिन गांव कमई से दर्जनों ट्रैक्टरों पर सवार होकर किसान धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन कारियों को समर्थन देने का एलान किया। अचानक बारिश आ जाने के बावजूद किसान अपनी जगह से नहीं हटे और धरनास्थल पर डटे रहे।
गांव कमई के शास्त्री ईश्वर चंद्र ने कहा कि छाता शुगर मिल के समर्थन में गांव कमई का बच्चा-बच्चा, युवा और बुजुर्ग एकजुट होकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि मिल चालू कराने के इस संघर्ष में ग्रामीणों का पूर्ण समर्थन फौजियों के साथ है। कर्मयोगी ललित कुमार सूबेदार ने कहा कि गांव कमई के किसानों का पूर्ण समर्थन मिला है, लेकिन जिस दिन आसपास के सभी गांवों के किसान इस आंदोलन से जुड़ जाएंगे, उस दिन प्रशासन को किसानों की ताकत का अहसास होगा।
जगदीश कौशिक ने कहा कि सूचना मिल रही है कि शुगर मिल से पहले यहां पर एथेनॉल प्लांट लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों ने जो जमीन दान में दी थी, यह एथेनॉल प्लांट के लिए नहीं बल्कि शुगर मिल के लिए दी थी। यदि यहां पर एथेनॉल प्लांट लगाया गया तो किसान इसका खुलकर विरोध करेंगे। इस दौरान भूदेव, शिवकरण, अमर सिंह, संतोष कुमार, अतर सिंह, मुरारी नेता, ठाकुर बीरी सिंह, महिपाल आर्य, चंचल भावना, नारायण सिंह, समालिया जादौन, राज बहादुर, बिहारी प्रधान आदि मौजूद रहे।