गोवर्धन। प्रसिद्ध गिरिराजजी मुकुट मुखारबिंद एवं हर गोकुल मंदिर के खजाने से करोड़ों रुपये के हुए घोटाले के मामले में मुकदमा दर्ज होने के दो वर्ष बाद भी एसआईटी विवेचना पूरी नहीं कर सकी है। एसआईटी टीम इसी प्रकरण को लेकर बुधवार को गोवर्धन आकर आरोपियों से फिर से पूछताछ कर रही है।
गिरिराजजी मुकुट मुखारबिंद एवं हर गोकुल मंदिर के खजाने से घोटाले की शिकायत पर पहली जांच डीएम के निर्देश पर 4 जुलाई 2019 को एसडीएम गोवर्धन को सौंपी गई थी। एसडीएम नागेंद्र कुमार सिंह की जांच रिपोर्ट में फूलबंगला, खास महल की जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में रिसीवर रमाकांत गोस्वामी को करोड़ों रुपये हेराफेरी करने का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद एनजीटी ने प्रकरण की जांच एसआईटी से कराने के आदेश दिए थे।
पुलिस महानिदेशक विशेष अनुसंधान दल के अनुमोदन पर 11 जुलाई 2019 को एसआईटी थाना लखनऊ के निरीक्षक कुंवर ब्रह्मप्रकाश सिंह ने जांच कर घोटाले की पुष्टि करते हुए आख्या शासन को दी।
सितंबर 2020 को 11 करोड़ रुपये धोखाधड़ी कर मंदिर खजाने से गबन के आरोप में एसआईटी थाना लखनऊ में रिसीवर रमाकांत गोस्वामी सहित १२ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था लेकिन विवेचना अभी तक पूरी नहीं हुई है। अवध किशोर शुक्ला एसआईटी लखनऊ का कहना है कि मंदिर प्रकरण में जांच के लिए आए हैं, साक्ष्य संकलन कर रहे हैं।