मथुरा। फरसा वाले बाबा की मौत के बाद छाता हाईवे पर हुए बवाल की जांच शुरू हो गई है। बुधवार को एसआईटी ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और प्रत्येक बिंदु को गहनता से परखा। टीम ने ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट भी खंगाले, जिसने उस दिन भड़काऊ पोस्ट डालीं थीं। ऐसे यूजरों को टीम चिह्नित करने में जुटी है। हालांकि ऐसे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जेल भी भेज दिया है।
21 मार्च की सुबह गोवंश से भरे ट्रक की आशंका पर चेकिंग के दौरान फरसा वाले बाबा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद गोसेवकों ने बाबा की हत्या का आरोप लगाते हुए छाता में हाईवे पर शव रखकर करीब चार घंटे तक जाम लगा दिया था। पुलिस पर पथराव कर बवाल किया था। मामला शांत होने के बाद कोसीकलां और बरसाना में एक-एक और छाता में दो प्राथमिकी दर्ज हुईं थी। एक प्राथमिकी में छाता पुलिस ने 22 नामजद समेत 300 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी श्लोक कुमार ने प्रकरण की जांच के लिए एसपी क्राइम अवनीश मिश्र की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है। उन्हें 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को एसआईटी ने छाता हाईवे से साक्ष्य जुटाए और प्रत्येक बिंदु पर गहनता से जांच की। प्रकरण में पुलिस अब तक 20 प्रदर्शनकारियों को जेल भेज चुकी। एसपी क्राइम अवनीश मिश्र बताया कि मंगलवार से जांच शुरू हो गई है। दोषियों को चिह्नित किया जाएगा और निर्दोष लोगों को इधर-उधर भागने की जरूरत नहीं है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी जाएगी।