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मथुरा: भाई दूज पर जेल में बंद भाइयों से मिलने पहुंची बहनें, जेल प्रशासन ने की ये खास व्यवस्था

Tue, 05 Nov 2024 06:38 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

भाई-बहन को मिलने से जेल की दीवार भी नहीं रोक पाईं। बहनें अपने भाइयों को तिलक करने पहुंची। जेल प्रशासन ने भी इन बहनों के लिए खास इंतजाम किए, जिससे इन्हें कोई परेशानी न हो सके। 
 
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जिला जेल के बाहर लगी बहनों की कतार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा जिला कारागार में निरुद्ध चल रहे बंदियों को उनकी बहनों से मुलाकात के लिए भाई दूज पर विशेष व्यवस्था की। जेल में निरुद्ध चल रहे अपने भाइयों के तिलक करने आई बहनों के लिए टेंट और पानी की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मुलाकात बिना पर्ची के कराई गई। बहनों को उनके भाइयों से ग्रुप में मुलाकात कराई।
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रविवार को भाई दूज पर अपने भाई के माथे पर तिलक करने के लिए सुबह से ही बहनों जिला कारागार के बाहर लाइन में लग गई। बहनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए जेल प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था की। पेयजल, टेंट के साथ ही बहनों के साथ आने वाले बच्चों के लिए भी बैठने की अलग व्यवस्था की गई।

लाइन में लगने के कारण किसी बहन को तबीयत खराब न हो इसके लिए जेल प्रशासन की मेडिकल टीम मुस्तैद रही। जिला कारागार प्रशासन ने चेकिंग में कोई ढील नहीं दी, हालांकि बहनों की चेकिंग के महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसके साथ ही चेकिंग के अलग काउंटर भी बनाए गए, ताकि चेकिंग के कारण भाई-बहन की मुलाकात में कोई बाधा उत्पन्न हो। जिला कारागार अधीक्षक अंशुमान गर्ग ने बताया कि पूर्व की अपेक्षा इस बार अपने भाइयों से मिलने आने वाली बहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस बार लगभग तीन हजार से अधिक बहनें जेल में निरुद्ध चल रहे अपने भाइयों के माथे पर तिलक करने के लिए आई हैं। सभी की रिजिस्टर में एंट्री के बाद प्रवेश दिया जा रहा, कितनी बहनों ने मुलाकात की इसका सही आंकड़ा देर शाम को ही पता चल पाएगा।  
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भाई को जेल की चारदीवारी में देख बहनों के निकले आंसू
जेल में बंद अपने भाई को टीका करने के लिए बहन जिला कारागार तो पहुंच गई, लेकिन जैसे ही भाई सामने आए तो दोनों अपनी भावनाओं पर काबू नहीं पा पाए और दोनों की आंखों से आंसू निकल पड़े। बंदियों ने किसी तरह अपनी बहनों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद अपने भांजे-भांजी को दुलार कर बहन से टीका कराया।
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