चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने श्रीराम मंदिर निर्माण आंदोलन की तर्ज पर 9 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए कारसेवा का एलान किया था। रविवार को पीठ पर मुंबई, हरिद्वार समेत विभिन्न स्थानों से साधु-संत एकजुट हुए। हवन-पूजन के बाद संतों ने मंच से कृष्ण लला हम आएंगे...मंदिर वहीं बनाएंगे के नारे के साथ शंख बजाकर कारसेवा के लिए हुंकार भरी। स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि साधु-संतों से विचार-विमर्श के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर 6 दिसंबर को कारसेवा की घोषणा की गई है। इसी दिन अयोध्या में कारसेवा की गई थी।
नहीं हो सका शिला पूजन
इस दौरान भरतपुर के बंसी पहाड़पुर से मंगाए गए पत्थरों का शिला पूजन नहीं हो सका। चित्रगुप्त पीठाधीश्वर का दावा है कि प्रशासन द्वारा पत्थरों को इधर-उधर कर दिया गया। शंखनाद में पशुपति अखाड़ा नेपाल के श्रीकृष्णानंद महाराज, मोहिनी शरण, राधा प्रसाद जू, अतुल कृष्णदास, स्वामी अवधेशानंद गिरि, संतोषानंद महाराज, आचार्य बद्रीश, दशरथ दास, अभिषेक दास, सुरेशानंद महाराज, चंद्रदेव महाराज, राहुल कृष्ण गोपाल, बसंतलाल देवेंद्रानंद, शिंदे गुट शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक सक्सेना, बबलू लवानिया और मनोज सक्सेना आदि मौजूद रहे।
दिनभर रहा पुलिस का पहरा
कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट रहा। साधु-संतों के बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए पीठ परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस का दिनभर कड़ा पहरा रहा। जिले के पुलिस बल के साथ आगरा जोन के विभिन्न जिलों से भी फोर्स बुलाया गया था। पीठ की ओर आने वाले मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मी क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।