श्रद्धालुओं की सुविधार्थ मंदिर प्रबंध तंत्र व प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। न्यायालय के आदेशों को देखते हुए मंदिर प्रबंधतंत्र द्वारा सुबह और शाम दोनों समय की सेवाओं में एक-एक घंटे देर तक दर्शन खोले रखने का निर्णय लिया है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन सुलभ हो सकें। इसके अलावा नगर के ठा. राधासनेह बिहारी मंदिर सहित सप्तदेवालयों में शामिल राधादामोदर, राधारमण, राधाश्यामसुंदर, गोविंद देव, गोपीनाथ, मदनमोहन में भी चंद्रमा की रोशन में श्वेत वस्त्र धारण किए ठाकुरजी मुरली बजाते हुए भक्तों को दर्शन देंगे।
इस दिन ठाकुरजी को चंद्रकला व खीर का भोग निवेदित कर भक्तों को प्रसाद रूप में वितरित किया जाएगा। शयन भोग सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी और प्रहलाद गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को धारण कराने के लिए विशेष रूप से सफेद रंग की जरी की कढ़ाई से तैयार पोशाक कोलकाता के कारीगरों ने बनाई है। मंदिर प्रबंधक मुनीश कुमार शर्मा ने बताया कि 16 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा पर होने वाले ठा. श्रीबांकेबिहारीजी की राजभोग और शयनभोग सेवा के तय समय से एक घंटे देर तक दर्शन होंगे। दोपहर 1 बजे मंदिर के पट बंद होंगे तो रात को साढ़े 10 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद होंगे।
तीन दिन रहेगा भीड़ का आलम, किए गए इंतजाम
शुक्रवार को रामनवमी का सार्वजनिक अवकाश होने से अब तीन दिन वृंदावन में भक्तों का जमावड़ा रहेगा। बृहस्पतिवार से भक्तों का आगमन शुरू हो गया है। सप्ताहांत आने वाली भीड़ में इस बार अधिक इजाफा होगा। इसको देखते पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। श्रद्धालुओं को असुविधा न हो और आसानी से अपने आराध्य के दर्शन कर सकें, इसके इंतजाम भी कर लिए गए हैं। कोतवाल रवि त्यागी ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को एक तरफ से प्रवेश दिलाकर दूसरी तरफ से निकास कराया जाएगा।