हर रास्ते पर कृष्ण भक्ति का उल्लास दिखे और हर पड़ाव पर राधा नाम संकीर्तन का आनंद मिल जाए तो समझ लीजिए आप श्रीराधारानी ब्रज यात्रा के साथ हैं। अपने प्रारंभ से पूर्णता तक इस ब्रज चौरासी कोस यात्रा में ये दो बात निराली रहती हैं। पदयात्री युगल प्रभु की लीलास्थलियों के दर्शन और उनके नामरस का उच्चारण करते रहते हैं।
शुक्रवार का जटवारी पढ़ाव से आगे बढ़ी यात्रा कुछ इसी प्रकार ब्रज की पौराणिक स्थलियों के दर्शन करती हुई बिहारवन पहुंची। इस दौरान संत रमेश बाबा ने यमुना मुक्तिकरण के बारे में कहा कि अभी तो काफी लड़ाई बाकी है।
मन मंदिर बरसाना की श्रीराधारानी ब्रजयात्रा जटवारी पड़ाव के बाद सुबह सात बजे शेरगढ़ पहुंची। यहां खेलनवन आदि पौराणिक स्थलों के दर्शन करती हुई बिहार वन पहुंच गई।
यात्रियों ने शेरगढ़ के मैन बाजार से निकल कर प्राचीन श्रीगोपीनाथ मंदिर, श्रीराधाबल्लभ, श्रीलक्ष्मणजी, श्रीदाऊजी महाराज के दर्शन किए। ग्रामीणों ने यात्रियों की जोरदार अगवानी की। अग्रवाल समाज अध्यक्ष बांकेलाल गर्ग, पिन्टू गोयल, दीपक बंसल, खेमचंद मंगला ने दुपट्टा पहना कर स्वागत किया। उगते सूर्य की किरणों के साथ श्रद्धालुओं ने जब अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान किया तो छटा देखते ही बन रही थी।
पड़ाव स्थल पर सत्संग के दौरान रमेश बाबा ने खेलनवन, शेरगढ़ के पौराणिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। बाबा ने बताया कि बिहारवन में श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास किया था तो ऐचा दाऊजी ओवा में उनके बडे़ भाई बलराम ने यमुना किनारे पहुंचकर गोपियों के साथ रास किया। उन्होंने कहा कि यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। राधाकांत शास्त्री और भागवताचार्य रामजीलाल शास्त्री ने कहा कि आंदोलनों के बाद भी सरकार यमुना में स्वच्छ जल प्रवाहित करने की ओर कोई ध्यान नहीं है।
यमुना मुक्तिकरण अभियान की मथुरा इकाई के पदाधिकारियों ने रमेश बाबा से मुलाकात कर कहा कि यम द्वितीया का पर्व नजदीक है। नगर पालिका मथुरा द्वारा यमुना भक्तों की आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है। मसानी और अंबाखार नाले खुले में यमुना में गिर रहे हैं। विश्राम घाट पर तो यमुना पूरी से बदरंग हो चुकी है। उन्होंने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। मुलाकात करने वालों में पंकज, श्याम चतुर्वेदी, महेंद्र राजपूत, वीरेंद्र चतुर्वेदी, हरेश ठैनुआ आदि साथ थे।