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Health: मलेरिया के लक्षण...पचा टेस्ट में चौंकाने वाला नतीजा, बुखार और जुकाम से पीड़ित हैं; तो हो जाएं सावधान

Fri, 12 Sep 2025 10:21 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लक्षण तो मलेरिया वाले हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हो रही है। वहीं निजी लैब में जांच कराते हैं तो रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है।
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मथुरा। जिला अस्पताल - फोटो : mathura
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विस्तार
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मथुरा जिला अस्पताल में रोजाना 200 से 250 के करीब सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीज आ रहे हैं। इसमें मलेरिया के लक्षण वाले मरीज भी आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों के खून की जांच करा रहे हैं, लेकिन इनमें मलेरिया की पुष्टि नहीं हो रही है। जबकि मरीज निजी लैब में जांच कराते हैं तो रिपोर्ट नेगेटिव आ रही है।
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जिले में बाढ़ का प्रकोप है। ऐसे में मच्छर जनित रोगों का फैलना शुरू हो गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। बुखार से पीड़ित मरीज की खून की जांच में मलेरिया की पुष्टि नहीं हो रही है। इस कारण चिकित्सक उन्हें साधारण बुखार की दवा देकर रवाना कर देते हैं।

 

बुखार न उतरने पर मरीज प्राइवेट चिकित्सक को दिखाते हैं तो वह भी खून की जांच कराते हैं। निजी लैब में होने वाली जांच में मरीज मलेरिया से पीड़ित निकल रहे हैं। जनरलगंज निवासी संतोष पाराशर ने बताया कि पांच दिन से वह बुखार से पीड़ित हैं। जिला अस्पताल में जांच कराई तो मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कई दिन दवा खाने के बाद भी बुखार नहीं उतरा। अंत में उन्होंने निजी चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने प्राइवेट लैब में खून की जांच कराई तो रिपोर्ट नेगेटिव निकली। इसके बाद मलेरिया की दवा शुरू की तब जाकर आराम मिला है।
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इसी तरह सदर बाजार निवासी बबीता कुमारी ने बताया कि उन्हें ठंड के साथ बुखार आया था। वह जिला अस्पताल दवा लेने आईं। खून की जांच भी कराई और लगातार दवा भी ली, लेकिन बुखार नहीं उतरा। निजी चिकित्सक से इलाज कराया तब जाकर राहत मिली है। सीएमएस नीरज अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल की लैब में ठीक तरह से जांच हो रही है। निजी लैब वाले कभी-कभी निजी स्वार्थ के चलते गलत रिपोर्ट बना देते हैं। यदि अस्पताल की दवा से मरीजों को आराम नहीं मिलता तो मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के स्थान पर कमी आती।
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