शिवानी हत्याकांड की आरोपी दो किशोरियों ने बाराबंकी संप्रेक्षण गृह से भागने के लिए स्टाफ की चाय में ऑल आउट रिफिल का लिक्विड मिला दिया। एक कर्मचारी की नजर पड़ने से उनकी साजिश नाकाम हो गई और घटना की जानकारी अधिकारियों को दी गई।
वृंदावन के राजकीय बाल गृह (बालिका) में साथी शिवानी की हत्या करने की आरोपी दो किशोरियों ने बाराबंकी के संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों को जहर देकर मारने की कोशिश की है। दोनों किशोरियों ने संप्रेक्षण गृह से भागने की योजना के तहत स्टाफ के लिए बन रही चाय में ऑल आउट की रिफिल का लिक्विड उड़ेल दिया। समय रहते घटना की जानकारी होने पर उनकी योजना विफल हो गई। अब बाराबंकी संप्रेक्षण गृह ने मथुरा के किशोर न्याय बोर्ड को पत्र भेजकर पूरी घटना की जानकारी दी है। वहीं जिला प्रोबेशन कार्यालय को भी सूचित कर इन किशोरियों का पुराना सारा रिकॉर्ड मांगा है।
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अलीगढ़ और पीलीभीत निवासी दो किशोरियों ने 21 अगस्त को वृंदावन स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) में बरेली निवासी 14 वर्षीय शिवानी की बाथरूम में ले जाकर बेरहमी से पिटाई की और पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोकर उसकी हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों किशोरियों को हिरासत में लिया गया था। उन्हें मथुरा किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से बाराबंकी स्थित संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
दोनों किशोरियों ने बाराबंकी से भी भागने की योजना बना डाली। इस बार उनके निशाने पर संप्रेक्षण गृह का स्टाफ था। दोनों ने योजना के तहत स्टाफ के लिए बन रही चाय में ऑल आउट की रिफिल का लिक्विड डाल दिया। शुक्र रहा कि एक कर्मचारी ने उन्हें ऐसा करते हुए देख लिया। इसके बाद दोनों से सख्ती से पूछताछ हुई और पूरा मामला सामने आया। किशोरियों की योजना थी कि जैसे ही स्टाफ पर जहरीली दवा का असर होगा, उसी दाैरान वह संप्रेक्षण गृह का ताला खोलकर भाग जाएंगी।
खुद भी की आत्महत्या की कोशिश
दोनों किशोरियों ने बाराबंकी संप्रेक्षण गृह में आत्महत्या की कोशिश की थी। दोनों किशोरियों ने पहले स्टाफ पर दबाव बनाया कि उन्हें वहां से जाने दिया जाए। स्टाफ के समझाने के बाद भी दोनों ने आत्महत्या की कोशिश की। अब दोनों किशोरियों ने पत्र लिखकर एक महीने का समय दिया है। पत्र में लिखा है कि अगर उन्हें एक महीने के अंदर नहीं छोड़ा गया तो वह आत्महत्या कर लेंगी।
किशोरियों का आक्रामक रवैया देख नहीं बुलाया रिमांड पर
मथुरा के जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा ने बताया कि बाराबंकी संप्रेक्षण गृह से किशोर न्याय बोर्ड को भी घटना की जानकारी भेजी गई है। दोनों किशोरियों के सिर पर भागने का जुनून सवार होने के चलते उनको रिमांड पर नहीं बुलाया गया है। दोनों किशोरियों की वीडियो काॅल के आधार पर रिमांड की प्रक्रिया पूरी की गई है। किशोरियों ने पत्र लिखकर आत्महत्या करने की भी धमकी दी है। इस मामले की जानकारी बाराबंकी डीपीओ कार्यालय से भी मिली है।
प्रेमियों से मिलने के लिए बार-बार रच रहीं साजिश
जांच और पूछताछ में सामने आया है कि दोनों किशोरियों का प्रेम प्रसंग चल रहा है। दोनों अपने प्रेमियों से मिलने और उनके साथ रहने के लिए बार-बार संरक्षण गृहों से भागने की साजिश रच रहीं हैं। हालांकि किशोरियों की हर बार काउंसलिंग भी की जा रही है, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। उधर, किशोरियों के परिजन ने उनसे संबंध खत्म कर दिया है। वृंदावन में घटना की जानकारी होने के बाद भी परिजन उनसे मिलने नहीं आए थे।