वृंदावन। अद्वैत वट स्थित ठाकुर राधामदन गोपाल मंदिर में सावन मास में 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा चल रही है। कथा के दूसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास आचार्य राजेश किशोर गोस्वामी ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव करुणा, त्याग और कल्याण के स्वरूप हैं। उन्होंने शिव महापुराण के विभिन्न प्रसंगों से श्रोताओं को अवगत कराया।
व्यासपीठ से आचार्य राजेश किशोर गोस्वामी ने कहा कि शिव की आराधना से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। श्रावण मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस माह में श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव आराधना का विशेष महत्व है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि कथा केवल श्रवण करने का माध्यम नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, सदाचार और सेवा के भाव को जीवन में उतारने का मार्ग है। भगवान शिव की भक्ति मनुष्य को अहंकार से दूर कर सरलता और विनम्रता का मार्ग दिखाती है। कथा के दौरान भगवान शिव के स्वरूप, उनकी महिमा और भक्तों के प्रति उनकी कृपा का वर्णन किया गया। इस दौरान कथा पंडाल भगवान शिव के जयकारों से गूंजता रहा।