जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद
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ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का कहना है कि नदियों के शुद्धीकरण की घोषणा करना लोगों को धोखा देना है। उन्होंने कहा कि जब तक गंगा और यमुना पर बने बांध और बैराज के निर्माण पर रोक नहीं लगेगी, तब तक नदियों का शुद्धीकरण संभव नहीं होगा।
वह गांधी मार्ग स्थित अग्रवाल अतिथि भवन में शनिवार को पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ही नहीं हरियाणा यमुना का सारा पानी सिंचाई के लिए नहरों में छोड़ रहा है। नदियों के प्रदूषित होने के लिए अंग्रेज सरकार से लेकर वर्तमान सरकार तक जिम्मेदार है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर उन्होंने कहा कि अभी एक साल और प्रतीक्षा करनी पड़ेगी। यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट निर्णय देकर या केंद्र सरकार लोकसभा में कानून बनाकर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करे। उन्होंने कहा कि देश के संत समाज को विश्वास है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए राम मंदिर निर्माण अवश्य हो जाएगा।
जेएनयू मामले पर उन्होंने कहा कि देशद्रोही ताकतों पर सरकार को नियंत्रण करना चाहिए। देश को अलग करने की बात कहने वाले लोगों को दंड मिलना चाहिए। ऐसे लोगों को फांसी पर चढ़ाना सरल है, पर उनका वैचारिक परिवर्तन हो।
ऐसे लोगों में देशद्रोह के बदले देशभक्ति की भावना जागृति होनी चाहिए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का जेएनयू प्रकरण के आरोपियों का समर्थन किए जाने पर खेद जताया। कहा कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। जेएनयू मामले में होहल्ला मचा रहे दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार इतनी कमजोर नहीं है कि मेंढकों के टर्र-टर्र करने से डर जाए।