मथुरा के जैंत थाना क्षेत्र स्थित छटीकरा रोड पर डालमिया फार्म हाउस में हरे पेड़ काटने के मामले में शंकर सेठ समेत 31 आरोपी जिला जेल में निरुद्ध हैं। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां सोमवार को वन विभाग के मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन शोकावकाश के कारण सुनवाई टल गई और कोर्ट ने सुनवाई के लिए 21 नवंबर की तारीख दी है।
18 सितंबर की रात को डालमिया फार्म हाउस में 454 पेड़ काटे गए। इस मामले में वन, विद्युत, एमवीडीए और नगर निगम ने अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कराए। जैंत पुलिस ने शंकर सेठ समेत 42 आरोपियों को 24 सितंबर को कोर्ट में पेश किया। यहां से उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई। लगातार अंतरिम जमानत मिलने पर वन विभाग ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां अंतरिम जमानत न देने के लिए याचिका दायर की।
23 अक्तूबर को एसीजेएम (प्रथम) ने वन विभाग के मामले में आरोपियों की अंतरिम जमानत याचिका खारिज जेल भेज दिया। इसके बाद शंकर सेठ के अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के यहां जमानत के लिए याचिका दायर की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने 18 नवंबर को जमानत पर सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर की थी।
बार एसोसिएशन के निर्णय का अधिवक्ताओं ने किया विरोध
पिछले 10 दिन से छुट्टी होने के कारण न्यायालय में कार्य नहीं हो पा रहा है। इस कारण बार एसोसिएशन ने सोमवार की सुबह एक पत्र जारी कर अधिवक्ताओं से दोपहर एक बजे के बाद कार्य से विरत रहने को कहा, लेकिन कुछ अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया। बताया जाता है कि 15 नवंबर को वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश यादव और सोमवार को बार एसोसिएशन के सीनियर कर्मचारी भरत यादव का निधन हो गया था। इस मामले में सचिव ने पत्र जारी कर कहा कि 10 बजे श्रद्धांजलि सभा के बाद दोपहर एक बजे के बाद अधिवक्ता कार्य से विरत रहेंगे। अधिवक्ताओं के विरोध के बाद बार एसोसिएशन ने पूरे दिन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।