वर्ष की पहली शनि अमावस्या के मौके पर शनिधाम कोकिलावन में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ रही। शुक्रवार देर रात से ही भक्त शनि महोत्सव में भाग लेने के लिए पहुंचने लगे थे। शनिवार को दिन भर मंदिर में शनिदेव के जयकारे सुनाई देते रहे।
मंदिर के महंत महामंडलेश्वर प्रेमदास महाराज ने शनि महाराज का दूध, दही, शहद, खांड और गंगाजल से अभिषेक किया। इसके बाद महाआरती की गई। बधाई गायन में ‘श्याम अंक वक्रदृष्ट चतुर्भुजा धारी, नीलांबार धार नाथ गज की असवारी...’ भजन पर श्रद्धालुओं नृत्य कर रहे थे।
महंत मिश्रीदास, श्यामदास, प्राणचंद, राधवदास, ब्रहमस्वरुप, जानकीदास आदि ने शनिदेव की महिमा का बखान किया। सुबह हवन-यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुति दी थी। मंदिर में फूल बंगला भी सजाया गया। भाजपा नेता पूर्व मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण भी शनिदेव के दर्शन को पहुंचे। इस मौके पर उदय सिंह, लक्ष्मीचंद, रूपचंद मुनीम, प्रहलाद, डालचंद, नंदलाल वर्मा, धर्मलाल, देवीराम आदि व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
श्रद्धालुओं ने दी परिक्रमा
अमावस्या के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने कोकिलावन की परिक्रमा कर पुण्य कमाया। बिहारीजी मंदिर में फूल बंगला की झांकी के दर्शन भी श्रद्धालुओं ने किए।
जाम से रहे परेशान
श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते कोकिलावन में हजारों वाहन जाम में फंसे रहे। रात 11 बजे तक मंदिर के चारों ओर वाहनों की कतार लग गई थीं। नंदगांव रोड पर सुरवारी से लेकर मंदिर तक, नंदगांव से मंदिर तक और बठैन तक जाम रहा। मंदिर पर सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मी लापता रहे। जाम खुलवाने में पुलिस ने भी सहयोग नहीं किया।