प्रदेश में 2017 होने वाले विधानसभा चुनावों में असम के समान सीएम पद के लिए ‘चेहरा’ तय करने पर तो पार्टी में एक राय है लेकिन ये ‘चेहरा’ कौन हो इस पर सर्वसम्मति का अभाव दिख रहा है। रविवार को वृंदावन आए सांसद सच्चिदानंद हरि साक्षी महाराज ने कहा कि सीएम पद के लिए उम्मीदवार स्थानीय और अति पिछड़ी जाति से होना चाहिए।
रविवार की शाम परिक्रमा मार्ग संत कालोनी स्थित अपने आश्रम पर पत्रकार वार्ता करते हुए साक्षी महाराज ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी का नाम यूपी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में लिए सामने आने पर कहा कि यूपी में युवा चेहरे की जरूरत अवश्य है लेकिन यह चेहरा स्थानीय होने के साथ अति पिछड़ी जाति से हो तो भाजपा के लिए बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 प्रतिशत अति पिछड़ी जाति का वोटर है। जो भाजपा के लिए वोट करता आया है। यदि हम अति पिछड़ी जाति के चेहरे को लेकर चुनाव लड़ेंगे तो उनका एकतरफा वोट भाजपा के लिए पडे़गा। वहीं जाति की राजनीति करने वाले मायावती और मुलायम सिंह के लिए मुश्किलें बढे़ंगी।
उन्होंने यूपी विधानसभा चुनावों को देखते हुए मुसलमानों को आरक्षण देने की बात करने पर सपा सरकार पर कटाक्ष किया। कहा कि प्रदेश के मुसलमानों का सपा और कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है। आज मुसलमान समझ चुका है कि हर बार चुनावों में केवल वोटों के लिए हमारा उपयोग करने वाले सपा और कांग्रेस में हमारा हित नहीं है। आज अधिकांश मुसलमान वोटर भी भाजपा के साथ खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है।
साक्षी महाराज ने कहा कि पिछले चार सालों से प्रदेश में सपा का जंगलराज है। हर वर्ग का व्यक्ति शोषण का शिकार है। प्रदेश की जनता सपा के जंगलराज शासन से मुक्ति चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। साक्षी महाराज का कहना था कि आज देश कांग्र्रेेस मुक्त भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।