श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत और हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में आए सुझावों पर कमेटी की अगली बैठक में श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन का रास्ता निकलेगा। शुक्रवार को शहीद लक्ष्मण सभागार में कमेटी के अध्यक्ष और मंदिर के सेवायतों की बैठक हुई। इसमें दोनों पक्षों के बीच चल रही तल्खी का अंत हुआ। सेवायत रजत गोस्वामी ने प्रस्ताव रखा कि मंदिर में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है। इससे कुछ परेशानियां आती हैं।
उन्होंने सुझाव दिया कि दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का ई-पंजीकरण किया जाए, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। इससे श्रद्धालुओं को निर्धारित समय पर दर्शन का अवसर मिले और मंदिर में भीड़ की लिमिट होगी तो दबाव नहीं होगा। उन्होंने तिरुपति बालाजी मंदिर की व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां श्रद्धालु और उनके वाहन तय समय पर ही मंदिर पहुंचते हैं जिससे शांति व्यवस्था बनी रहती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर के दोनों निकास द्वार (द्वार संख्या 1 और 4) के बाहर बने चबूतरे पर स्वास्थ्य टीम तैनात की जाए ताकि भीड़ के बीच से निकलकर आने वाले श्रद्धालुओं को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके। बैठक में चर्चा हुई कि ठाकुरजी का भोग प्रसाद अर्पित करने और अन्य सेवाओं के दौरान सेवायतों और सेवादारों की संख्या अधिक होती है जिससे भीड़ बढ़ जाती है। सुझाव दिया गया कि सेवादारों की संख्या सीमित की जाए। सेवायतों ने सहमति जताते हुए कहा कि सेवादारों की संख्या तय की जाए और उनका ड्रेसकोड निर्धारित कर पास जारी किए जाएंगे। इन पासों पर संबंधित गोस्वामी का नाम भी अंकित किया जाएगा।
सेवायत सदस्य के न पहुंचने पर उठे सवाल
सेवायतों की बैठक में कमेटी में शामिल चारों सेवायत सदस्यों में से एक भी नहीं पहुंचा। कई गोस्वामियों ने कमेटी के अध्यक्ष के समक्ष इस मामले को उठाया कि जब वह गोस्वामियों का नेतृत्व कर रहे हैं तो उनको मीटिंग में शामिल होना चाहिए।