वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियों को लेकर हाईपावर्ड कमेटी की कार्यप्रणाली पर सेवायतों ने सवाल उठाए हैं। सेवायत सदस्य रजत गोस्वामी ने कहा कि मंदिर से जुड़े निर्णयों में सेवायतों से राय-मशविरा लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि ठाकुरजी के जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर अब तक सेवायत सदस्यों के साथ बैठक नहीं हुई है।
सेवायतों के अनुसार जन्माष्टमी पर मंगला आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना सबसे बड़ी चुनौती रहती है। 2022 में मंगला आरती के दौरान हुई घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने करीब 600 लोगों को मंगला आरती में प्रवेश देने की योजना बनाई थी। इस बार भी इतनी ही संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश देने की मंशा है। हालांकि यह संख्या बढ़ाई जाए या नहीं, इसका निर्णय आज बैठक में लिया जाना है।
यजमानों के प्रवेश पर भी होगा फैसला
सेवायतों के यजमानों को मंगला आरती के दौरान किस तरह प्रवेश दिया जाएगा, इस पर भी बैठक में निर्णय लिया जाएगा। सेवायतों का कहना है कि पिछली बार मंगला आरती के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी नजर आए थे। इस व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए ताकि सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं और सेवायतों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा सके।
पहली बार मंगला आरती की लाइव स्ट्रीमिंग
जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की मंगला आरती की लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाएगी। मंदिर में अन्य आयोजनों की लाइव स्ट्रीमिंग पहले से होती रही है लेकिन मंगला आरती की लाइव स्ट्रीमिंग पहली बार किए जाने की तैयारी है। इसके जरिए देश-दुनिया में बैठे श्रद्धालु भी मंगला आरती के दर्शन कर सकेंगे।
लाइव स्ट्रीमिंग के भुगतान पर भी सवाल
कमेटी में सेवायत सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि लाइव स्ट्रीमिंग शुरू किए जाने से पहले कमेटी की ओर से इसे निशुल्क किए जाने की बात कही गई थी लेकिन बाद में इसके लिए मंदिर से भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई। उन्होंने मंदिर में भंडारी की ओर से भेंट लिए जाने के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मंदिर के अंदर भंडारी भेंट लेते हैं और इस पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
आज की बैठक में तय होगी व्यवस्था
हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन मंगला आरती में श्रद्धालुओं के प्रवेश की संख्या, यजमानों के प्रवेश, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को बैठक करेंगे। सेवायतों से लेकर अन्य अधिकारियों से पूरी योजना के बारे में जानकारी की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंदिर में आने के दौरान सुरक्षा और पूजा अर्चना पर पर भी निर्णय लिया जाएगा।