वृंदावन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वृंदावन आगमन से पूर्व बांकेबिहारी मंदिर से जुड़े सेवायतों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। परिवार की महिलाओं को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया। सुबह ही उनके घरों पर पुलिस पहुंच गई। कई सेवायतों ने आवश्यक काम होने की बात भी कही लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने। कहा कि आप लोग मुख्यमंत्री के जाने के बाद ही कहीं जा सकते हैं।
बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर के विरोध में मुखर रहने वाले सेवायत हिमांशु गोस्वामी, रजत गोस्वामी, नीलम गोस्वामी, दीपक पाराशर सहित एक दर्जन से अधिक सेवायतों और महिलाओं को एहतियातन उनके घरों में ही रहने के निर्देश दिए गए। इस कार्रवाई को लेकर सेवायतों ने नाराजगी जताई है और इसे अपने अधिकारों का हनन बताया है।
सेवायत हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि वे किसी भी प्रकार का गलत कार्य नहीं कर रहे हैं। संविधान ने उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार दिया है। उनका विरोध केवल कॉरिडोर योजना को लेकर है न कि सरकार के खिलाफ। नीलम गोस्वामी का कहना है कि जिन लोगों को बृजवासियों से डर लगता है वह यहां आते ही क्यों हैं। दीपक पाराशर का कहना है कि पुलिस प्रशासन को आखिरी सेवायतों से इतना भय क्यों हैं, हर बार सेवायतों को हाउस अरेस्ट कर दिया जाता है। आखिर कब तब आवाज को दबाकर रखा जाएगा।