अस्पताल परिसर में सोमवार को 50 माताएं अपनी गोद में मासूमों को लेकर एक खिड़की से दूसरी खिड़की के चक्कर काटती नजर आईं। पूछने पर काउंटर से केवल एक ही जवाब मिल रहा है, सर्वर डाउन है, अभी काम नहीं होगा। टीकाकरण के रिकॉर्ड के लिए इस दस्तावेज की तत्काल आवश्यकता है। मधुनगर और कुबेरपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आए तीमारदारों का कहना है कि वे तीन-चार बार अस्पताल के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर बार सर्वर की समस्या बताकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। आने-जाने में पैसा और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर पुष्प लता का कहना है कि जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होती है। 1 अप्रैल से सर्वर में आ रही तकनीकी खराबी के कारण पोर्टल पर डेटा अपलोड करने और सर्टिफिकेट लेने में समस्या आ रही है। यह समस्या स्थानीय स्तर की नहीं, बल्कि पोर्टल के मुख्य सर्वर की है, जिसके बारे में उच्च अधिकारियों और संबंधित विभाग को लिखित रूप में सूचित कर दिया गया है।