फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देसी गाय सर्वाधिक उपयोगी, अमृत है दूध

Mon, 01 Feb 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
विज्ञापन
गोवंशीय देसी प्रजातियां संसार में सर्वाधिक उपयोगी हैं। इन देसी गायों का दूध अमृत के समान है। इनमें बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता विदेशी गाय के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
विज्ञापन


सोमवार को यहां राष्ट्रीय पशु आनुवंशिकी संसाधन ब्यूरो करनाल के निदेशक डा. आर्जव शर्मा ने इन शब्दों के साथ गोवंशीय देसी प्रजातियों की उपयोगिता सामने रखी। 

डा. आर्जव शर्मा सेवा एवं शिक्षण संस्थान सोलन हिमाचल प्रदेश के सहयोग से उप्र पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान में आयोजित शुष्क क्षेत्रों में देशी गोवंशीय पशुओं के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, संरक्षण एवं संवर्धन पर सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय गोवंश की प्रजातियों से औसतन 2.5 लीटर प्रतिदिन प्रति पशु की दर से दुग्ध का उत्पादन हो रहा है। संवर्धन एवं संरक्षण से ये 6 लीटर प्रतिदिन प्रति पशु किया जा सकता है।

उन्होंने देशी गाय के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में यूपी वेटरनेरी विवि की ओर से किए जा रहे प्रयासों में केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया नीति को कारगर बताया।

सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए वेटरनेरी विवि के कुलपति प्रो. एसी वार्ष्णेय ने कहा कि भारत में 39 गोवंशीय प्रजातियां हैं जोकि अपने-अपने क्षेत्र के अनुसार अनुकूलित हैं और विभिन्न क्षेत्रों की मांग को पूर्ण करने में सक्षम हैं।

लेकिन अब इन प्रजातियां का खजाना तेजी से कम हो रहा है। प्रदेश में लगभग 450 गोशालाएं हैं। इसमें अधिकांश ब्रज में मौजूद हैं।

करनाल के प्रधान वैज्ञानिक डा. डीके सदाना ने देसी गाय के दूध को बेहद लाभदायक बताया। उन्होंने गाय के गोबर, गोमूत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण उपयोगों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नेचुरल के साथ-साथ ईटीटी तकनीकी से उन्नत नस्ल के गौ वंशों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

स्वागत भाषण कालेज आफ वेटरनेरी साइंस के डीएन डा. एसके गर्ग ने दिया। आभार डा. अतुल सक्सेना ने जताया। संचालन डा. अंबिका शर्मा, मधु तिवारी और डा. गुलशन ने किया।

कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान और गोशाला संचालकों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में डा. मान सिंह, डा. अनूप कालरा, डा. ज्ञानी, डा. सुबोध, डा. मान सिंह, डा. राजेश कपूर सहित बड़ी संख्या में गोशालाओं के संचालक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें