मथुरा। बरसात के मौसम बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा है। छोटे बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है। मौसम की बीमारी बच्चों को परेशानी में डाल रही है। नमी के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार की परेशानी सामने आ रही है। नमी से कई वायरस और बैक्टीरिया पैदा हो जाने से गला और आंख में भी संक्रमण का खतरा बने हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अमन कुमार ने बताया कि बारिश में बड़ों से ज्यादा बच्चे मौसमी बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बड़ों की तुलना में छोटे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसके अलावा बारिश के मौसम में होने वाली नमी से वायरस और बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं। जिनके कारण बच्चों में नाक, कान, गला और आंख में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। यही कारण है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में 150 से अधिक बच्चे मौसमी बीमारी लेकर सामने आ रहे हैं।
इनमें बुखार, सर्दी, जुकाम के साथ ही त्वचा संबंधी संक्रमण भी फैल रहा है। इसके अलावा बच्चों का हाजमा खराब हो रहा है। वह दूध एवं हल्का भोजन भी पचा नहीं पा रहे हैं। उल्टी और दस्त की परेशानी भी बच्चों में देखी जा रही है। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को खिलाने से पहले और बाहर से घर के अंदर आने के बाद अपने हाथों को अच्छी तरह से धो लें। बच्चों के आसपास का वातावरण साफ और सूखा रखें ताकि वहां बैक्टीरिया या फफूंद जमा न हो सके।
उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में छोटे बच्चों का रखरखाव ज्यादा आवश्यक है। बच्चों को आरामदायक और मौसम के अनुकूल कपड़े पहनाना चाहिए। बारिश के समय बच्चों को अक्सर हल्के, हवादार कपड़े ही पहनाना चाहिए क्योंकि इससे हवा का बहाव अच्छा बना रहता है और बच्चों की स्किन सूखी बनी रहती है। बच्चों को बहुत ज्यादा कपड़े भी न पहनाएं, ज्यादा कपड़े पहनाने बच्चों को काफी मात्रा में पसीना निकल सकता है और इससे त्वचा में दाने के साथ खुजली की भी समस्या आ सकती है। बारिश के मौसम में मच्छर बढ़ जाते हैं, और उनसे होने वाली बीमारियों, जैसे डेंगू और मलेरिया का खतरा भी बढ़ जाता है। बुखार या किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर की सलाह के बाद बच्चे को दवा दें।
छोटे बच्चों को बीमारी से बचाव के उपाय
सफाई का विशेष ध्यान रखें
ढीले और पूरे सूती कपड़े पहनाएं
मच्छरों से बचाव के उपाय करें
घर को हवादार रखें
छोटे बच्चों को अधिक से अधिक मां का दूध पिलाएं
रखा हुआ और ठंडा पानी बच्चों को न दें
त्वचा पर नमी न रहने दें