बचाव कार्य करते एसडीएआरएफ टीम के जवान।
मथुरा। केसीघाट पर हुए मोटरबोट हादसे के बाद अब आपदाओं से निपटने में देरी नहीं होगी। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक प्लाटून को स्थायी रूप से जिले में तैनात कर दिया है। इस प्लाटून में 35 जवान शामिल हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाएंगे। पहले आपदा के समय एसडीआरएफ की टीम को लखनऊ से बुलाना पड़ता था, जिससे प्रतिक्रिया में समय लगता था।
केसीघाट पर हुई घटना ने स्थानीय आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की कमियों को उजागर किया था। बचाव कार्यों के लिए लखनऊ, गाजियाबाद समेत अन्य शहरों से राहत प्रबंधन टीमों को बुलाया गया था। ऐसे में यहां तक पहुंचने में टीमों को काफी समय लगा। इससे स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। एसडीआरएफ के ये जवान बाढ़, डूबने, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में राहत और बचाव कार्य करेंगे। उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपट सकें। इस कदम से स्थानीय प्रशासन को भी बड़ी राहत मिलेगी। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि मथुरा-वृंदावन में एसडीआरएफ की एक प्लाटून तैनात की गई है।