नौहझील (मथुरा)। देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मिसाइल का मॉडल तैयार करने वाले नौहझील क्षेत्र के गौतम चौधरी अब जापान में प्रतिष्ठित कंपनी में काम करेंगे। उन्हें 40 लाख के सालाना पैकेज पर चयनित किया गया है। यह कंपनी भारत के लिए रक्षा उपकरण तैयार करती है।
नौहझील के गांव जटपुरा के रहने वाला छात्र गौतम चौधरी 2015 से 2019 तक एक ऐसी मिसाइल के मॉडल को बनाने में जुटा रहा, जो एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला कर सकती है। अपने परिवार की जमापूंजी को लगाकर गौतम चौधरी ने ऐसी मिसाइल का मॉडल तैयार कर लिया। दावा किया कि इस मॉडल पर काम किया जाए तो यह दुनिया में अब तक निर्मित मिसाइलों से अलग होगी।
यह एक साल अनेक लक्ष्य पर हमला कर सकेगी। इस मॉडल का प्रदर्शन उसके द्वारा मथुरा डीएम सर्वज्ञराम मिश्र के समक्ष भी किया गया था।
विभिन्न स्तर से जानकारी जुटाने के बाद पिछले सप्ताह गौतम चौधरी ने अपनी मॉडल का प्रदर्शन बंगलूरू स्थित इरो के सेंटर पर किया। यहां मिली जानकारी के बाद उसने भारत के लिए हथियार बनाने वाली कंपनी के बंगलूरू स्थित कार्यालय में संपर्क साधा।
यहां कंपनी को अपने कार्य की भी जानकारी दी। इसके आधार पर जापान में काम करने वाली इस कंपनी ने गौतम को अपने यहां 40 लाख रुपये के पैकेज पर चयनित कर लिया है।
नौहझील के गांव जटपुरा निवासी कुंती देवी के बेटे गौतम को पढ़ाई के साथ साल 2015 में मिसाइल बनाने का जुनून सवार हुआ और फिर वो इसे पूरा करने में जुट गया। चार साल तक विभिन्न विशेषज्ञों की सहायता से उसने मिसाइल का मॉडल तैयार किया। गौतम का दावा था कि इस मॉडल पर तैयार होने वाली मिसाइल एक साथ 10 निशाने साध सकेगी। इसमें सॉलिड बूस्टर और जेट जैसे दो इंजन हैं। इसका वजन 35 से 40 किलोग्राम है। बेटे के इस सपने को साकार करने में जुटी उसकी मां कुंती देवी ने अपनी पुरखों की जमीन तक बेच दी। चार लाख रुपये साहूकार से कर्ज भी लिया था।