राशन वितरण में बड़ा गोलमाल है। कार्डधारक डीलरों से पीड़ित हैं। अमर उजाला की हेल्पलाइन पर पहले दिन आने वाली 300 से भी ज्यादा कॉल साफ बता रही हैं कि गेहूं, चावल, चीनी और केरोसीन का वितरण नहीं हो पा रहा है।
सरकारी मशीनरी फिर भी खामोश है। अफसरों पर भी पब्लिक सवाल खड़े कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर डिपो से वितरण को हर महीने निकलने वाला राशन जा कहां रहा है। हर महीने शिकायत गूंज रही है लेकिन जिम्मेदार फिर भी अपने आफिसों से निकलकर फील्ड में नहीं जा रहे हैं। ऐसा तब है जब शासन से लेकर प्रशासन तक पहुंचने वाली शिकायतों में सबसे ज्यादा राशन को लेकर ही हैं। हर तहसील दिवस में सबसे ज्यादा फरियादी राशन की शिकायत लेकर ही पहुंच रहे हैं।
ये शिकायत कर रहे लोग
अमर उजाला की हेल्पलाइन पर आ रही शिकायतों में राशन का नियमित वितरण न होना, डीलर के चहेते लोगों को वरीयता, मानक से कम राशन वितरण प्रमुख रहीं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि डीलर ने कार्ड कब्जे में ले रखे हैं। राशन मांगों तो डीलर झगड़ा करता है। राशन कब बंटेगा इसकी सूचना भी नहीं दी जाती है। कई जगह तो डीलर ने अपने रिश्तेदारों के भी राशन कार्ड बनवा रखे हैं। गेहूं और चावल का यूनिट के आधार पर विरण नहीं किया जाता। अफसरों को इस बारे में सूचना दो तब भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
यहां से आईं शिकायत
गांव बाद, पैगांव, नगला सिरिया, महावन, नंदगांव, नारायण पुरा, प्रकाश नगर, गिरधरपुर, जाबरा (मांट), हाथिया (बरसाना), गजू (राया), राधाकुंड, बरहैंटा, गोपालपुरा, गुहेता, फरह, मांट, आयराखेड़ा, हमीरपुर, मांट मूला, बरी, बड़ीआटस, सराय दाऊद, ककहारी, कोसीकलां, जादोपुर, चौमुंहा, गोकुल, नई बस्ती, दरियापुर, नौगांव, लोहागढ़, राया, नौहझील, विशंभरा (छाता), वृंदावन में बंशीवट, किशोरपुरा, विद्यापीठ, मथुरा में वार्ड नंबर तीन, कंपूघाट, बैंक कालोनी, श्याम सुंदर कालोनी, अशोक विहार, चामुंडा कालोनी, भरतपुर गेट, शास्त्री नगर, चंदनवन, होलीगेट, गोविंद नगर, श्यामसुंदर कालोनी, सदर बाजार, रामनगर (यमुनापार), वार्ड पांच (यमुनापार)।
इनके पास तो राशन कार्ड ही नहीं
मथुरा (ब्यूरो)। जिले में सबसे अधिक शिकायत राशन कार्ड न होने की भी आ रही हैं। लोगों का कहना है कि वह कई दफा फार्म भरकर डीएसओ आफिस में दे चुकें हैं लेकिन कार्ड नहीं बने। शास्त्री नगर निवासी ओमवती का कहना है कि एक साल से चक्कर काट रही हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। महावन निवासी शिवकुमार भी महीनों से चक्कर काट रहे हैं। नौहझील निवासी अशोक अग्रवाल ने बताया कि कस्बे में राशन की तीन दुकानें हैं लेकिन किसी ने भी राशन बांटने की तारीख तय नहीं की है।
अफसरों पर मिलीभगत का आरोप
हेल्पलाइन पर फोन करने वाले अधिकांश लोगों का आरोप है कि राशन डीलरों की अधिकारियों से मिलीभगत है। कई बार शिकायत के बाद भी डीलरों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। कुछ डीलर तो ये तक धमकी देते हैं कि ऊपर तक हिस्सा जा रहा है लिहाजा कोई भी कुछ बिगाड़ नहीं सकता है।
अमर उजाला की हेल्पलाइन पर कीजिए शिकायत
अगर आपको राशन नहीं मिल रहा है। डीलर परेशान करता है। शिकायत करते-करते थक गए हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। तो आइए हम लोग मिलकर करते हैं राशन के कुशासन पर वार। हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को अमर उजाला शिद्दत के साथ उठाएगा। आमजन की बात प्रशासन तक पहुंचाई जाएगी।
इन नंबरों पर करें संपर्कः 0565-2403330, 2503330
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