रामाश्रम सत्संग में बड़ी संख्या में भीड़ पहुंची। इतनी कि जगह भी कम पड़ गई। सड़कों तक लोग दिख रहे थे। आयोजकों का कहना है कि कई राज्यों से लोग आए हैं। ये सत्संग तीन दिन आयोजित होगा।
महाशिवरात्रि से डैंपियर नगर स्थित रामाश्रम आश्रम में डा. चतुर्भुज सहाय के अनुयायी तीन दिनों का मेला और आध्यात्मिक प्रवचन करते हैं। इसमें देशभर से हजारों श्रद्धालु आध्यात्मिक प्रवचन सुनने के लिए जुटे हैं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुआें के आने से डैंपियर नगर की सड़क से पुलिस को वाहनों का आवागमन बंद करना पड़ा। ज्यादातर श्रद्धालु आश्रम के बाहर सड़क पर ही डेरा जमाए हुए हैं। निकट ही आध्यामिक सत्संग से जुड़ी पुस्तकें, खानपान और जरूरी सामान की दुकानें सज गई हैं।
प्रभु मिलन में दोहरा चरित्र बाधक
डैंपियर नगर स्थित रामाश्रम में चल रहे प्रवचन में शनिवार सुबह मोहित कुमार ने कहा कि प्रभु के सामने दोहरा चरित्र लेकर न जाएं। जो भी प्रभु से वादा करें उसे निभाएं। मनोकामना पूरी होने के बाद अक्सर लोग भूल जाते हैं। ये बात भक्त और भगवान के बीच होने वाले प्रेम में बाधा बनती है। प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रभु से मिलन को भक्ति और साधना सहित कई तरीके हैं। इसमें साधना सबसे श्रेष्ठ तरीका है। साधना में गुुरु की शक्ति छिपी होती है, वह प्रभु मिलन को आसान बनाती है। सुनील कुमार ने कहा कि ईश्वर से मिलने को सांसारिक चाहत लेकर न आएं। प्रभु से केवल जन कल्याण की बात करें तो प्रभु सभी का कल्याण करते हैं।