वृंदावन/चौमुहां। छटीकरा वृंदावन रोड स्थित डालमिया फार्म हाउस में हुए भीषण वृक्ष कटान को लेकर संत प्रेमानंद महाराज ने भी रोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि वृक्ष कटान को देख मन व्यथित है। प्रेमानंद महाराज ने अपने प्रवचन में वृक्ष कटान को लेकर उपदेश दिए।
उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे बड़ा भाग्यशाली वही, जिसने वृंदावन को अपना मान लिया। दुर्भाग्यवश वृंदावन ब्रज क्षेत्र की लताओं का हनन हो रहा है। सैकड़ों वृक्ष काट दिए गए। बृज धाम के वृक्ष महात्मा हैं। वृंदावन ब्रज की लता की एक शाखा काटने पर करोड़ों ब्रह्म हत्या का पाप, करोड़ों गऊ हत्या का पाप लगता है। बड़े बड़े वृद्ध पीपल, बरगद, नीम के वृक्ष सब काट दिए गए। हृदय व्यथित है जो वृंदावन की लताएं कट रही हैं।
ब्रज की लताओं को मत छेड़ो। वृंदावन धाम की महिमा लताओं से हैं। जहां देखो वहां ब्रज की पवित्र लताएं हैं। ऐसी लताएं एक रात में काट दी गई। इनकी रक्षा होनी चाहिए। जो लताओं को काट रहे हैं वह वृंदावन के दुश्मन हैं। पीपल भगवान वासुदेव का स्वरूप है। वह भी वृंदावन धाम में काट दिया। कैसे इनके परिवार की रक्षा होगी। रुपया थोड़ा सुख देगा पर क्या मृत्यु काल से बचा सकता है। यहां साक्षात प्रिया प्रीतम खेल रहे हैं। कुछ साधना मत करो पड़े रहो तो प्रिया प्रियतम मिल जाएंगे। लताओं को काटोगे, साधु महात्माओं की निंदा करोगे, बृजवासियों को पीड़ा पहुचाओगे, उनका उत्पीड़न करोगे उनको गालियां दोगे तो कहां से भागवत प्राप्ति हो होगी। फिर तो विनाश ही होगा।