नोटबंदी को लेकर विपक्षी बौखलाहट में बचकाने बयान दे रहे हैं। राहुल गांधी को अपने अंदर परिपक्वता लानी चाहिए। वह जब भी बोलते हैं तो कांग्रेस में ही भूकंप आता है। यह बात शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. संबित पात्रा ने कही। इनके साथ ही वृंदावन में एक कार्यक्रम शामिल होने आए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने नोटबंदी को लेकर विपक्ष के हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
डा. संबित पात्र ने कहा कि बीते 10 वर्षों में 12 लाख करोड़ की लूट से भूकंप नहीं आया लेकिन गरीबों के हक की लड़ाई नोटबंदी के जरिए लड़ी जा रही है तो भूकंप आ रहा है। पात्रा ने नोटबंदी को गेम चेंजर करार देते हुए कहा कि इतने वर्षों से भ्रष्टाचार और काले धन से गल चुके देश को खड़ा करने के लिए केंद्र सरकार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से 50 दिन का समय मांगा है। इसके पूरा होने तक सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि सपा के यादव परिवार को पीएम का एहसानमंद होना चाहिए क्योंकि नोटबंदी के बाद उनके परिवार की लड़ाई बंद हो गई।
केंद्रीय मंत्री गिर्राज सिंह ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि तीन तलाक और नोटबंदी जैसे मुद्दों पर लोग बहस कर रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर लोगों को जागरूक होना चाहिए। दोनों ही मुद्दे राष्ट्र और समाज हित में हैं। साथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 10 सालों से देश के लिए कुछ न करने वाले राहुल गांधी के बोलने से केवल और केवल कांग्रेस में ही भूकंप आएगा।
यूपी भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि नोटबंदी के बाद भारत आर्थिक स्वतंत्रता वाला देश बनने जा रहा है। जब नोटबंदी के सकारात्मक परिणाम आएंगे तो विपक्षियों को मुंह छिपाने की जगह नहीं मिलेगी।
आर्थिक आतंकवाद के खात्मे का प्रयास: बिट्टा
वृंदावन पहुंचे एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने नोटबंदी को आर्थिक आतंकवाद को समाप्त करने प्रयास बताया। साथ ही कहा कि अब तक हम पाक परस्त आतंकवाद का दंश हम झेल रहे थे। पहली बार किसी ने पाक को उसी की भाषा में जवाब दिया है। बिट्टा ने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी और भाजपा का समर्थक नहीं हूं बल्कि उन नीतियों का समर्थन करता हूं जो मेरी मातृभूमि की रक्षा और सम्मान मेें सहायक है। यह देश का दुर्भाग्य है कि लोग नोटबंदी और वोटबंदी को लेकर चर्चाऐं करते हैं लेकिन देशभक्ति की बात पर पीछे हट जाते हैं।